Muzaffarpur: मिड डे मील में छिपकली मिलने पर हड़कंप, बच्चों की जांच में फूड पॉइजनिंग के लक्षण नहीं, एजेंसी पर उठे सवाल

साहेबगंज के प्राथमिक विद्यालय पीपरा असली में मध्याह्न भोजन की दाल में छिपकली मिलने का मामला सामने आया. घटना के बाद 39 बच्चों को अस्पताल लाया गया, लेकिन किसी में फूड प्वाइजनिंग के लक्षण नहीं मिले. जांच रिपोर्ट विभाग को सौंप दी गई है.

Muzaffarpur News: साहेबगंज के प्राथमिक विद्यालय पीपरा असली में मध्याह्न भोजन की दाल में छिपकली मिलने के मामले की जांच के बाद रिपोर्ट विभाग को सौंप दी गई है. जांच के अनुसार भोजन उपलब्ध कराने वाली स्वयंसेवी संस्था नव प्रयास के भोजन में छिपकली मिलने की पुष्टि नहीं हुई है. वहीं विद्यालय में भोजन परोसने के दौरान छिपकली नजर आने की बात सामने आई. घटना के बाद अस्पताल लाए गए 39 बच्चों में किसी में भी फूड प्वाइजनिंग के लक्षण नहीं पाए गए और सभी बच्चों को उपचार के बाद सुरक्षित घर भेज दिया गया.

Sahibganj News: भोजन परोसते समय दाल में नजर आई थी छिपकली

जांच रिपोर्ट के अनुसार विद्यालय में मध्याह्न भोजन के लिए चावल और कद्दू की सब्जी तथा दाल उपलब्ध कराई गई थी. भोजन को रसोइयों ने प्राप्त करने के बाद निर्धारित समय पर बच्चों को परोसना शुरू किया. इसी दौरान कुछ बच्चों को भोजन परोसे जाने के बाद दाल में छिपकली नजर आई.

प्रधान शिक्षक राम ईश्वर कुमार ने तत्काल बच्चों को भोजन करने से रोक दिया और भोजन को अलग कर दिया. घटना की जानकारी ग्रामीणों एवं अभिभावकों को मिलने के बाद अस्पताल और पुलिस को सूचना दी गई.

39 बच्चों को अस्पताल लाया गया, फूड प्वाइजनिंग नहीं मिली

घटना की सूचना के बाद बच्चों को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. जांच रिपोर्ट के अनुसार कुल 39 बच्चों का इलाज किया गया. इनमें कुछ बच्चों ने पेट दर्द और उल्टी जैसा महसूस होने की शिकायत की, लेकिन किसी बच्चे में फूड प्वाइजनिंग के लक्षण नहीं पाए गए.

सीएचसी प्रभारी डॉ. गणेश कुमार गोतम की देखरेख में बच्चों का उपचार किया गया और उन्हें ओआरएस का घोल पिलाया गया.

सभी बच्चों को शाम तक अस्पताल से मिली छुट्टी

जांच रिपोर्ट के अनुसार बच्चों को चरणबद्ध तरीके से अस्पताल लाया गया. उपचार और चिकित्सकीय जांच के बाद सभी बच्चों को शाम करीब पांच बजे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई. चिकित्सकीय जांच में सभी बच्चे सुरक्षित पाए गए.

घटना के बाद अभिभावकों में भय का माहौल बन गया था और बड़ी संख्या में अभिभावक विद्यालय पहुंच गए थे. बच्चों को एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया गया.

भोजन में छिपकली कहां और कैसे गिरी, इसकी जांच जरूरी

जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि मध्याह्न भोजन में छिपकली कहां और किस परिस्थिति में गिरी, इसकी गहन जांच आवश्यक है. जांच के दौरान उपलब्ध वीडियो और भोजन परोसने की प्रक्रिया का भी अवलोकन किया गया.

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि भोजन उपलब्ध कराने वाली संस्था के भोजन में छिपकली होने की पुष्टि नहीं हुई. ऐसे में घटना के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए आगे भी जांच की आवश्यकता बताई गई है.

रसोई और सफाई व्यवस्था की निगरानी का निर्देश

जांच के दौरान रसोई की व्यवस्था, भोजन तैयार करने और परोसने की प्रक्रिया को लेकर भी ध्यान दिया गया. संबंधित कर्मियों को साफ-सफाई और बर्तन में भोजन डालने से पहले उसकी अच्छी तरह जांच करने की आवश्यकता बताई गई.

विभाग की ओर से भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर सतर्कता बरतने पर जोर दिया गया है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो.

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By Purushottam Kumar

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