बैरिया बस स्टैंड कुंदन सिंह हत्याकांड: चुन्नू ठाकुर और अनिल चौबे संदेह का लाभ पाकर कोर्ट से हुए दोषमुक्त

मुजफ्फरपुर के चर्चित कुंदन सिंह हत्याकांड में कोर्ट ने सबूतों के अभाव में चुन्नू ठाकुर और अनिल चौबे को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है।

Bairiya bus stand murder: मुजफ्फरपुर शहर के चर्चित बैरिया बस स्टैंड कुंदन कुमार सिंह हत्याकांड में सात साल बाद अदालत का बड़ा फैसला आया है. व्यवहार न्यायालय के एडीजे-20 के न्यायाधीश शरद चंद्र कुमार ने मामले की सुनवाई करते हुए दो मुख्य आरोपितों को संदेह का लाभ (Benefit of Doubt) देकर दोषमुक्त (बरी) कर दिया है.

भागलपुर जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई पेशी

बचाव पक्ष के अधिवक्ता रत्नेश भारद्वाज ने बताया कि बरी होने वाले आरोपितों में गन्नीपुर निवासी राकेश कुमार उर्फ चुन्नू ठाकुर और सदातपुर निवासी अनिल चौबे शामिल हैं. ये दोनों आरोपित साल 2024 से भागलपुर जेल में बंद हैं. अदालत में सुनवाई के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से दोनों की पेशी कराई गई, जिसके बाद साक्ष्यों के अभाव में कोर्ट ने इन्हें बरी करने का आदेश सुनाया.

पत्नी के सामने ही मारी गई थी गोली

यह वारदात 1 फरवरी 2019 को इंचार्जी के विवाद को लेकर बैरिया बस स्टैंड में हुई थी. मूल रूप से सीतामढ़ी के रून्नीसैदपुर और वर्तमान में कांटी थाना क्षेत्र के सदातपुर निवासी कुंदन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. मामले को लेकर मृतक की पत्नी अंचला कुमारी ने अहियापुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. प्राथमिकी के अनुसार, घटना के दिन वह बैरिया इलाके में खरीदारी करने गई थीं. रुपये कम पड़ने पर जब वह अपने पति के पास पैसे लेने गई, तभी उनके सामने ही इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया.


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लेखक के बारे में

Author: Premanshu shekhar

Published by: Sumit Kumar

I have 16 years of journalism experience, working as a Bureau Chief at Prabhat Khabar muzaffarpur. My writing focuses on crime,political, social, and current topics.I have experience covering assembly and parliamentary elections reporting.
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