Muzaffarpur News: करीब 11 वर्ष पुराने चाकू से हमला कर घायल करने के मामले में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-एक राजाराम संतोष कुमार की अदालत ने दोषी जितेंद्र भगत को तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है. मामले में एपीपी रामनारायण झा ने कोर्ट के समक्ष सात गवाहों को पेश किया था. घटना कथैया थाना क्षेत्र के जसौली गांव की है.
अंडा खरीदकर लौट रहे विनय पर किया था हमला
मामले के अनुसार 20 जून 2015 को विनय भगत घर के पास अंडा खरीदने गए थे. वापस लौटने के दौरान पहले से घात लगाए आरोपितों ने उनके सिर पर चाकू से हमला कर दिया था. हमले में विनय भगत का सिर फट गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे.
पूर्व की दुश्मनी को बताया था घटना का कारण
घटना के बाद विनय भगत ने 21 जून 2015 को कथैया थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. प्राथमिकी में जितेंद्र भगत समेत छह लोगों को नामजद किया गया था. पीड़ित ने पुलिस को बताया था कि पूर्व की दुश्मनी के कारण आरोपितों ने उन पर हमला किया.
पुलिस ने 2015 में जितेंद्र को किया था गिरफ्तार
मामले की जांच के बाद पुलिस ने जितेंद्र भगत के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था. विवेचक ने आठ अक्टूबर 2015 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी. इससे पहले पुलिस ने जितेंद्र भगत को 13 अगस्त 2015 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.
सात गवाहों की गवाही के बाद सुनाया गया फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से एपीपी रामनारायण झा ने सात गवाहों को कोर्ट के समक्ष पेश किया. गवाहों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने जितेंद्र भगत को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई.
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