मुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर
ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की सुरक्षा को बढ़ाने के लिए एक वित्तीय वर्ष में कम-से-कम 100 दिनों की काम की गारंटी वाली मनरेगा योजना से पिछले छह महीने में 1.31 लाख परिवार को काम मिला है. कुल 48.54 लाख दिन मजदूरों को काम दिया गया है. अच्छी बात यह है कि पिछले वित्तीय वर्ष के तुलना काम की मांग अधिक है. करीब 25 प्रतिशत अधिक मजदूरों ने काम डिमांड किया है. इससे साफ है कि दूसरे प्रदेश में पलायन में कमी आ रही है. बता दें कि मनरेगा के तहत 4.81 लाख मजदूर ने जॉब कार्ड बना हुआ है.जिले में मनरेगा योजना के तहत 70 श्रमिक महिलाएं हैं, क्योंकि उनके पति बेहतर वेतन वाले काम की तलाश में अन्य राज्यों में चले गए हैं, जो उन्हें यहां दैनिक मजदूर के रूप में नहीं मिल पा रहा है.जल जीवन हरियाली में सबसे अधिक काम
राज्य में जल जीवन हरियाली मिशन चल रही है. जिले में जितने भी सार्वजनिक तालाब, आहार, पाइन हैं, उसका जीर्णोद्धार कर पुनर्जीवित करना है. साथ ही पौधरोपण भी कराया जा रहा है. जल स्रोतों के अतिरिक्त अन्य स्थानों पर भी पौधरोपण किया जा रहा है. जिले में एरियल सर्वे से जल स्रोतों की पहचान कर ली गयी है. सभी सीओ को इनमें से सार्वजनिक जल स्रोत की पहचान करने का निर्देश दिया गया है. वर्तमान में जल जीवन हरियाली अभियान में जिला की रैंकिंग 20 है. जिसे बढ़ाने हेतु सभी संबंधित को निर्देशित किया गया. वहीं मनरेगा के तहत इस वर्ष में 8.26 लाख पौधारोपण करने का लक्ष्य है. वही पीएम आवास में मनरेगा योजना से काम दिया जा रहा है. मनरेगा के अंतर्गत आवास निर्माण कार्य, जल संरक्षण कार्य, बागवानी कार्यगौशाला निर्माण कार्य, वृक्षारोपण कार्य, लघु सिंचाई कार्यग्रामीण सम्पर्क मार्ग निर्माण कार्य, चकबंध कार्य और भूमि विकास कार्य व बाढ़ नियंत्रण कार्य किए जाते हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
