मुजफ्फरपुर: चंदवारा पुल के पास बड़े पैमाने पर मिट्टी के अवैध खनन का मामला सामने आया है. एनजीटी के निर्देश पर गठित संयुक्त जांच कमेटी की जांच में करीब 14,256 घनमीटर मिट्टी के अवैध उत्खनन का खुलासा हुआ है. खनिज विभाग के आकलन के अनुसार, इससे सरकार को करीब 10.69 लाख रुपये के राजस्व की क्षति हुई है. मामले में खनन पदाधिकारी ने अहियापुर थाने में अज्ञात खननकर्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी है.
99 मीटर लंबी और 90 मीटर चौड़ी जमीन से काटी गयी मिट्टी
जांच रिपोर्ट के अनुसार, 15 मई 2026 को संयुक्त कमेटी ने अहियापुर थाना क्षेत्र के चंदवारा ब्रिज के समीप स्थल का निरीक्षण किया था. कमेटी में अपर समाहर्ता (राजस्व), डीएफओ, क्षेत्रीय प्रदूषण पदाधिकारी, आईआरओ झारखंड के वैज्ञानिक और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय निदेशक शामिल थे.
निरीक्षण के दौरान साइट-2 पर करीब 99 मीटर लंबी और 90 मीटर चौड़ी जमीन से मिट्टी काटे जाने की बात सामने आयी. जमीन को करीब 1.6 मीटर की गहराई तक खोदा गया था. इस आधार पर कुल 14,256 घनमीटर मिट्टी के अवैध उत्खनन का आकलन किया गया.
खनन से जुड़े वैध दस्तावेज नहीं मिले
जांच के दौरान स्थल पर खनन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका. इसके बाद खनिज विभाग ने अवैध उत्खनन से हुई राजस्व क्षति का आकलन किया. विभाग के अनुसार, अवैध खनन से सरकार को 10,69,200 रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है.
भू-स्वामी और दोषियों से होगी राजस्व व रॉयल्टी की वसूली
विभाग ने अवैध खनन को एमएमडीआर एक्ट-1957 की धारा 4(1ए) का उल्लंघन बताया है. मामले में धारा 21, बिहार खनिज नियमावली और बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की गयी है.
खनन विभाग के अनुसार, मामले में भू-स्वामी और दोषियों से नियमानुसार राजस्व और रॉयल्टी की वसूली की जाएगी. वहीं, अहियापुर थाने में अज्ञात खननकर्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गयी है.
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