सनातन पुरोहित महाकुंभ: मुजफ्फरपुर के प्रसिद्ध बाबा गरीबनाथ धाम मंदिर परिसर स्थित सत्संग भवन में रविवार को अखंड भारत पुरोहित महासभा की ओर से सनातन महाकुंभ का भव्य आयोजन किया गया. इस महाकुंभ में पुरोहित समाज के समग्र कल्याण, अधिकारों की रक्षा और सनातन धर्म को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सरकार से 'आचार्य-पुरोहित संरक्षण आयोग' के गठन की मांग प्रमुखता से उठाई गई.
पर्यटन मंत्री ने दिया हरसंभव मदद का आश्वासन
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए पर्यटन मंत्री केदार गुप्ता ने पुरोहितों की भूमिका की जमकर सराहना की. उन्होंने कहा कि सनातन धर्म को जन-जन से जोड़ने में ब्राह्मणों और पुजारियों का ऐतिहासिक योगदान है. मंत्री ने आश्वस्त किया कि वे पुरोहितों को मासिक पेंशन देने और आयोग गठन सहित सभी वाजिब मांगों से मुख्यमंत्री को अवगत कराएंगे. साथ ही उन्होंने कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को राज्य सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दिलाने की ठोस पहल करने का वादा भी किया.
महासभा ने सरकार के समक्ष रखीं प्रमुख मांगें
महासभा के संरक्षक पं. विनय पाठक ने पुरोहित समाज की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे:
- राज्य भर में आचार्य और पुरोहितों का विधिवत सर्वे कराकर उन्हें प्रति माह 10 हजार रुपये पेंशन दी जाए.
- पुरोहितों के बच्चों को कक्षा छह से लेकर आचार्य तक सरकारी संस्कृत स्कूलों व कॉलेजों में निःशुल्क आवासीय शिक्षा मिले.
- संस्कृत भाषा के संरक्षण और संवर्धन के लिए मुजफ्फरपुर में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय की शाखा स्थापित हो.
- कैलाश मानसरोवर तीर्थ यात्रियों को सरकारी स्तर पर आर्थिक अनुदान उपलब्ध कराया जाए.
सनातन गौरव सम्मान से सम्मानित हुईं हस्तियां
तुर्की दुर्गा मंदिर के महंत कमलेश झा की अध्यक्षता तथा जदयू जिला प्रवक्ता कुंदन शांडिल्य के संचालन में संपन्न हुए इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले लोगों को 'सनातन गौरव सम्मान' प्रदान किया गया. स्वागत भाषण संयोजक हरिशंकर पाठक ने दिया. इस अवसर पर आचार्य रामजन्म पांडेय, अशोक झा, संकेत मिश्रा, कथावाचक प्राची कैलाशी, सोनू पांडेय और महंत रामबालक भारती समेत बड़ी संख्या में विद्वान व श्रद्धालु उपस्थित रहे.
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