आठवीं तक की अर्द्धवार्षिक परीक्षा अगले माह

आठवीं तक की अर्द्धवार्षिक परीक्षा अगले माह

आठ लाख से अधिक बच्चे होंगे शामिल

15 से 18 के बीच होगा मूल्यांकन

20 को पैरेंट्स-टीचर मीट में रिजल्ट

उत्तर पुस्तिकाएं बच्चों को दे देंगे

कमियों पर शिक्षक लिखेंगे रिमार्क्स

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर जिले में पहली से आठवीं तक के बच्चों के लिए अगले महीने अर्द्धवार्षिक परीक्षा आयोजित की जायेगी. इसको लेकर राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद की संयुक्त निदेशक प्रशासन सुषमा कुमारी ने डीइओ व डीपीओ एसएसए को पत्र भेजा है. कहा है कि पहली से आठवीं कक्षा तक के लिए 10 से 15 सितंबर के बीच अर्द्धवार्षिक परीक्षा होगी. इसमें जिले में आठ लाख से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल होंगे. कक्षा एक और दो के लिए माैखिक मूल्यांकन होगा. विद्यालय के वर्ग शिक्षक मौखिक परीक्षा लेंगे. इसके लिए इ-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया जाएगा. कक्षा तीन के विद्यार्थियों का शारीरिक शिक्षा व कल्याण व कला विषय का मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर किया जायेगा. साथ ही इसकी ग्रेडिंग भी की जायेगी. कक्षा छठी के बच्चों का शारीरिक शिक्षा, कल्याण, व्यवसायिक शिक्षा, कंप्यूटर विज्ञान और कला का मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर किया जाएगा. तीसरी से आठवीं कक्षा के बच्चों के लिए उत्तर पुस्तिका और प्रश्नपत्र परिषद की ओर से उपलब्ध कराया जाएगा. तीन सितंबर तक स्कूलों में परीक्षा सामग्री भेज दी जायेगी. प्रश्नपत्र व उत्तर पुस्तिका वितरण की पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी. तीसरी से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कॉम्पलेक्स रिसोर्स सेंटर या संकुल में किया जायेगा. 15 से 18 सितंबर के बीच उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पूरा किया जायेगा. इसके बाद 20 सितंबर को स्कूल में पैरेंट्स टीचर मीट का आयोजन कर बच्चों का परिणाम उनके समक्ष जारी किया जायेगा.

सी, डी व ई ग्रेड पानेवालों के लिए अलग से रणनीति

जो बच्चे अर्द्धवार्षिक परीक्षा में ग्रेड सी, डी और ई प्राप्त करेंगे. उनके लिए अलग से रणनीति बनायी जायेगी. वहीं परीक्षा में अनुपस्थित हाेने वाले बच्चों के अभिभावकाें से बात की जाएगी. शिक्षक उनसे संपर्क कर पाठ्यक्रम के बारे में अवगत कराएंगे. पैरेंट्स टीचर मीट के दौरान बच्चों को मूल्यांकित उत्तर पुस्तिका दी जाएगी. बच्चे इसे घर भी ले जा सकेंगे. वे अपनी कमियों का आकलन करेंगे. शिक्षकों की ओर से इसे बेहतर करने के लिए रिमार्क्स भी दिया जाएगा.

कदाचारमुक्त परीक्षा के लिए प्रधानाध्यापकों को जिम्मा

संयुक्त निदेशक ने कहा है कि कदाचारमुक्त परीक्षा संचालन करना प्रधानाध्यापक की जिम्मेवारी होगी. परीक्षा अवधि में प्रधानाध्यापक लगातार कक्षों में भ्रमण कर जायजा लेंगे. वीक्षकों को हिदायत दी गयी है कि वे परीक्षा की पवित्रता बनाये रखेंगे. किसी तरह की अनियमितता सामने आने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.

परीक्षा का कार्यक्रम :

तिथि- प्रथम पाली (समय- सुबह 10 से दोपहर 12 बजे)

द्वितीय पाली (समय- दोपहर 1 से 3 बजे)

10 सितंबर- पर्यावरण अध्ययन, सामाजिक विज्ञान (कक्षा 3 से 8 के लिए)- विज्ञान (कक्षा 6 से 8 के लिए)

11 सितंबर- हिंदी (द्वितीय भाषा अहिंदी भाषी के लिए) (कक्षा 3 से 8 के लिए)- गणित (कक्षा 3 से 8 के लिए)

12 सितंबर- हिंदी, बांग्ला, (कक्षा 3 से 8 के लिए)- संस्कृत (कक्षा 6 से 8 के लिए)

13 सितंबर- अंग्रेजी (कक्षा 1 और 2 के लिए), अंग्रेजी (कक्षा 3 से 8 के लिए)

14 सितंबर- उर्दू (कक्षा 3 से 8 के लिए)

15 सितंबर- हिंदी, उर्दू, बांग्ला (कक्षा 1 और 2 के लिए)- गणित (कक्षा 1 और 2 के लिए)

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Author: ANKIT

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