Muzaffarpur Van Mahotsav: मुजफ्फरपुर केकल्याण आश्रम की ओर से 'वन महोत्सव: प्रकृति-उपासना का त्रैमासिक महापर्व' का भव्य शुभारंभ हुआ. कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. शशिभूषण कुमार ने की.
प्रकृति-उपासना सनातन दर्शन की पुनर्प्रतिष्ठा: आचार्य पावन महाराज
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं वसुधा कल्याण आश्रम के संस्थापक-अध्यक्ष आचार्य पावन महाराज ने कहा:
- प्रकृति ही गुरुतत्त्व की असली अधिष्ठात्री है.
- वन महोत्सव केवल पौधारोपण अभियान नहीं, बल्कि प्रकृति-उपासना के सनातन दर्शन की पुनर्प्रतिष्ठा का महायज्ञ है.
- हम प्रकृति की उपासना पर्यावरण संकट के कारण नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति की श्रद्धा, कृतज्ञता और सहअस्तित्व की भावना के कारण करते हैं.
- उन्होंने सभी से पौधे लगाने के साथ-साथ उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया.
प्राचार्य का सम्मान और पौधारोपण
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. शशिभूषण कुमार ने इस अभियान को जन-जन तक प्रकृति-केंद्रित दर्शन पहुंचाने वाली प्रेरणादायी पहल बताया.
- इस अवसर पर प्राचार्य प्रो. शशिभूषण कुमार को अंगवस्त्र, पौधा और स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया.
- परिसर में पौधारोपण कर अभियान का शुभारंभ किया गया और प्रकृति-संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया गया.
शिक्षक व विद्यार्थियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में वसुधा कल्याण आश्रम की गुरु माँ मनोरमा, दिलीप शाही, डॉ. अंजलि स्वरूप के साथ ही महाविद्यालय के प्रो. रजनीकांत पाण्डेय, प्रो. जयदीप घोष, प्रो. प्रियंका दीक्षित सहित भारी संख्या में प्राध्यापक, सामाजिक कार्यकर्ता और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे. कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. रौशन कुमार ने किया.
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