Google map accident alert: मुजफ्फरपुर जिले के राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है. अब अचानक सामने आने वाले खतरनाक मोड़ों, चौराहों और दुर्घटना बहुल इलाकों की जानकारी चालकों को पहले ही मिल सकेगी. परिवहन विभाग, एनएचएआई और ट्रैफिक पुलिस की एक संयुक्त पहल के तहत मुजफ्फरपुर के एनएच-22, एनएच-122 और एनएच-722 पर चिह्नित ब्लैक स्पॉट को गूगल मैप पर अपडेट करने की तेज कवायद शुरू कर दी गई है. इस नई डिजिटल व्यवस्था से सड़क हादसों में काफी हद तक कमी आने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है.
Google Map पर अपडेट होंगे 13 प्रमुख ब्लैक स्पॉट
सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए मुजफ्फरपुर शहर और जिले के कुल 13 बेहद खतरनाक ब्लैक स्पॉट की एक विशेष सूची तैयार कर ली गई है. परिवहन विभाग द्वारा यह सूची आगे की प्रक्रिया के लिए एनएचएआई को भेज दी गई है. एनएचएआई के माध्यम से इन सभी संवेदनशील स्थलों को गूगल मैप के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड कराने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है, जिससे यात्रियों को सफर के दौरान पहले ही सचेत किया जा सके.
Muzaffarpur NH black spots: 200 मीटर पहले स्क्रीन और आवाज से मिलेगी चेतावनी
यह तकनीक चालकों के लिए बेहद मददगार साबित होगी क्योंकि गूगल मैप पर ब्लैक स्पॉट अपडेट होने के बाद वाहन चालकों को इन दुर्घटना संभावित स्थलों से करीब 200 मीटर पहले ही नेविगेशन के जरिए चेतावनी मिल जाएगी. मोबाइल या वाहन की स्क्रीन पर विजुअल अलर्ट के साथ-साथ आवाज के माध्यम से भी चालकों को खतरनाक क्षेत्र के बारे में जानकारी दी जाएगी. इससे चालकों को समय रहते अपने वाहन की गति धीमी करने और अतिरिक्त सावधानी बरतने का पूरा मौका मिल सकेगा.
तीन राष्ट्रीय राजमार्गों पर चिह्नित किए गए हैं कुल 200 ब्लैक स्पॉट
परिवहन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार एनएच-22, एनएच-122 और एनएच-722 पर कुल मिलाकर करीब 200 दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान की गई है. इनमें से शुरुआती चरण में सबसे प्रमुख 13 स्थानों को गूगल मैप पर अपडेट कराया जा रहा है. एनएच-22 पर सीआरपीएफ कैंप फकुली, मधुबनी मध्य विद्यालय और मीनापुर के धरमपुर हनुमान मंदिर के समीप जैसे स्थान शामिल हैं. वहीं एनएच-722 पर अंबारा चौक और करजा थाना क्षेत्र तथा एनएच-122 पर कच्ची-पक्की और रामदयालु चौक जैसे व्यस्त स्थल प्रमुख रूप से शामिल हैं.
सुरक्षा उपायों के साथ डिजिटल मैपिंग से घटेगा सड़क हादसों का खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि कई सड़क हादसे इसलिए होते हैं क्योंकि वाहन चालकों को आगे के तीखे मोड़ों या चौराहों की कोई जानकारी नहीं होती. डिजिटल मैप पर इन डेंजर जोन के दर्ज होने से ब्रेक लगाने और गति नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा. इसके अलावा इन सभी चिह्नित स्थानों पर संकेतक, रिफ्लेक्टर और बेहतर प्रकाश व्यवस्था जैसे अन्य सड़क सुरक्षा के उपाय भी चरणबद्ध तरीके से लागू किए जा रहे हैं.
“खतरनाक ब्लैक स्पॉट की सूची तैयार कर एनएचएआई को भेजी गई है. ब्लैक स्पॉट पर कई चरण में काम हो रहा है. NHAI इसे गूगल मैप पर अपलोड करने के लिए भेजेगा,” — प्रियंका सिन्हा, DTO
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