Fake Judicial Stamp: मुजफ्फरपुर जिले में फर्जी न्यायिक स्टाम्प, वेल्फेयर टिकट और कोर्ट फीस बेचने के एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है. इस गंभीर मामले में नगर थाने में चार स्थानीय दुकानदारों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है. इस बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई से कोर्ट परिसर और आसपास के व्यावसायिक हलकों में हड़कंप मच गया है.
Muzaffarpur Crime News: प्रशासनिक जांच और कार्यपालक पदाधिकारी की शिकायत
यह पूरी कार्रवाई कार्यपालक पदाधिकारी (मुजफ्फरपुर पूर्वी) रामनाथ कुमार की लिखित शिकायत पर दर्ज की गई है. अनुमंडल पदाधिकारी (पूर्वी) के आदेश के आलोक में जब बाजार में बिक रहे न्यायिक स्टाम्प, वेल्फेयर टिकट और कोर्ट फीस की सघन जांच की गई, तो प्राथमिक रूप से वे नकली पाए गए. इसके बाद तुरंत पुलिसिया कार्रवाई शुरू की गई.
जिला बार एसोसिएशन ने की फर्जीवाड़े की पुष्टि
मामले की जांच के दौरान जिला बार एसोसिएशन के सचिव एवं कोषाध्यक्ष द्वारा भी इस बात की आधिकारिक पुष्टि की गई कि ये नकली स्टाम्प शहर की चिन्हित दुकानों से ही खरीदे गए थे. धोखाधड़ी और सरकारी राजस्व के नुकसान की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पदाधिकारी ने सभी आरोपी दुकानदारों पर कड़ी विधि सम्मत कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया.
तीन आरोपी गिरफ्तार, चौथे की तलाश में छापेमारी
मामले में नामजद किए गए दुकानदारों में मुरारी, प्रभात चौधरी, राजेश और सत्यम शामिल हैं. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इनमें से तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है. चौथे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है.
सब-इंस्पेक्टर मुना कुमार को सौंपी गई केस की कमान
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर इस पूरे नेटवर्क की गहराई से तफ्तीश करने की जिम्मेदारी सब-इंस्पेक्टर मुना कुमार को सौंपी गई है. पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इन नकली स्टाम्प और टिकटों की सप्लाई कहां से हो रही थी और इस गिरोह के तार कहां-कहां जुड़े हैं.
