मुजफ्फरपुर जमीन फर्जीवाड़ा: मुजफ्फरपुर शहर के आमगोला स्थित ओरिएंट क्लब के पास करोड़ों रुपये मूल्य की बहुमूल्य जमीन को फर्जी दस्तावेजों के सहारे हड़पने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. चक्कर मैदान मार्ग निवासी और एमआईटी के सहायक प्राध्यापक मनोज कुमार के पुश्तैनी भूखंड को भू-माफिया ने निशाना बनाया है. पीड़ित के कुल चार कट्ठे के भूखंड में से करीब सवा दो कट्ठा जमीन का फर्जी वसीयतनामा और कूटरचित दस्तावेज तैयार करवाकर दूसरे व्यक्ति के नाम पर अवैध दाखिल-खारिज करा दिया गया.
अंचल कार्यालय की मिलीभगत से हुआ खेल
पीड़ित प्राध्यापक के अनुसार गैरकानूनी तरीके से हुए दाखिल-खारिज को ढाल बनाकर भू-माफिया उनकी पुश्तैनी जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं. इस पूरे सुनियोजित खेल में मुशहरी अंचल कार्यालय के कर्मचारियों की संलिप्तता सीधे तौर पर उजागर हुई है, जिन्होंने विभागीय नियमों को ताक पर रखकर जाली कागजात के आधार पर दाखिल-खारिज की प्रक्रिया को अपनी मंजूरी दी.
मामले के मुख्य बिंदु:
- एमआईटी के सहायक प्राध्यापक मनोज कुमार की सवा दो कट्ठा पुश्तैनी जमीन पर भू-माफिया ने फर्जी दस्तावेज बनाए.
- जाली वसीयतनामे के सहारे मुशहरी अंचल कार्यालय से मिलीभगत कर दूसरे के नाम कराया गया दाखिल-खारिज.
- प्रमंडलीय आयुक्त के निर्देश पर भूमि सुधार उप समाहर्ता (डीसीएलआर) ने पूरे मामले की बिंदुवार जांच की.
- जांच रिपोर्ट में राजस्व कर्मचारियों द्वारा भू-माफिया को कागजी मदद पहुंचाने का आरोप पूरी तरह साबित हुआ.
आयुक्त ने दिया सीधी कानूनी कार्रवाई का निर्देश
जांच रिपोर्ट में फर्जीवाड़ा पूरी तरह प्रमाणित होने के बाद प्रमंडलीय आयुक्त ने कड़ा रुख अपनाया है. आयुक्त ने मुशहरी अंचल के दोनों दोषी राजस्व कर्मचारियों के विरुद्ध तुरंत प्राथमिकी दर्ज कराने और सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने का आदेश जारी कर दिया है.
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