किसान ध्यान दें: ठनका से अपने पशुओं को कैसे बचाएं? पढ़ें सरकारी एडवाइजरी, 22 से 26 अगस्त तक मानसूनी बारिश

उत्तर बिहार में मानसून की गतिविधियां बढ़ने वाली हैं. 25-26 अगस्त को पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, समस्तीपुर, बेगूसराय समेत कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश के आसार हैं. मौसम बदलने से उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिल सकती है.

वेदर अलर्ट: उत्तर बिहार में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर है. मौसम विभाग के 22 से 26 अगस्त तक के पूर्वानुमान के मुताबिक मानसून की गतिविधियां फिर बढ़ने के आसार हैं. इस दौरान कई जिलों में बारिश हो सकती है. खासकर 25 और 26 अगस्त के आसपास उत्तर बिहार के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश की संभावना जतायी गयी है. 

25-26 अगस्त को इन जिलों में बारिश के आसार

मौसम विभाग के अनुसार 25 और 26 अगस्त के आसपास वैशाली, बेगूसराय, समस्तीपुर, गोपालगंज, सीवान, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. इस दौरान कुल 45 से 65 मिलीमीटर तक बारिश होने का अनुमान है. पूर्वी दिशा से 5 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है. 

गर्मी और उमस से मिलेगी राहत

मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार के कई इलाकों में पिछले कुछ दिनों से उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा रखी है. बारिश के बाद तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है. मौजूदा पूर्वानुमान में मुजफ्फरपुर में 25-26 अगस्त को बारिश की संभावना बनी हुई है. 

किसानों के लिए बारिश राहत की उम्मीद

मानसून की सक्रियता किसानों के लिए भी राहत लेकर आ सकती है. जिन इलाकों में बारिश की कमी के कारण धान समेत खरीफ फसलों पर असर पड़ा है, वहां अच्छी बारिश से खेतों में नमी बढ़ेगी. हालांकि, तेज बारिश के साथ जलजमाव और निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति पर भी नजर रखनी होगी.

वज्रपात को लेकर रहें सतर्क

गरज-चमक के दौरान वज्रपात की आशंका को देखते हुए खुले मैदान में जाने से बचना चाहिए. स्थानीय मौसम सूचना और प्रशासन की चेतावनियों पर नजर रखना जरूरी है. किसानों को विशेष रूप से पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गयी है.

पशुओं को बिजली से बचाएं

वज्रपात के दौरान पशुओं को खुले में या किसी अकेले ऊंचे पेड़ के नीचे नहीं बांधना चाहिए. उन्हें पशु शेड में रखना बेहतर है. बिजली के उपकरण, तार, खंभों और धातु से बने कृषि उपकरणों से भी पशुओं को दूर रखना चाहिए.

तालाब, जलाशय या अन्य खुले जलस्रोतों के पास पशुओं को न ले जाएं. यदि आसमानी बिजली गिरने से कोई पशु घायल होता है तो तत्काल नजदीकी पशु चिकित्सालय से संपर्क करना चाहिए. स्थानीय रेडियो और अन्य संचार माध्यमों से मौसम की जानकारी लेते रहना भी जरूरी है.

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लेखक के बारे में

By प्रेमांशु शेखर

प्रेमांशु शेखर को पत्रकारिता में 18 से अधिक वर्षों का अनुभव है. वह दिल्ली विश्वविद्यालय साउथ कैंपस के छात्र रहे हैं और दिल्ली में भी काम कर चुके हैं. वह पिछले 16 साल से अपराध, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय रूप से रिपोर्टिंग कर रहे हैं.

 

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