पर्यावरण बचाओ का नारा काफी नहीं, प्रकृति संतुलन के लिए मानव को बदलना होगा: डॉ. भगवान

मुजफ्फरपुर के सिन्हा साइंस कॉलेज में 'पर्यावरण और हमारा कर्तव्य बोध' पर एक महत्वपूर्ण सेमिनार आयोजित किया गया. इस गोष्ठी में वक्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण के लिए मानव व्यवहार में बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया.

 Environment Seminar Muzaffarpur: महेश प्रसाद सिन्हा साइंस कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई और सेहत केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में 'पर्यावरण और हमारा कर्तव्य बोध' विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया. गोष्ठी की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. राजीव कुमार और संचालन एनएसएस के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. अमित कुमार साह ने किया.

संसाधनों का अंधाधुंध दोहन और वनों की कटाई प्रकृति के लिए खतरा

मुख्य वक्ता डॉ. भगवान कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में केवल 'पर्यावरण बचाओ' का नारा देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि अब पर्यावरण को 'मनुष्य से बचाने' की सख्त जरूरत है. उन्होंने बताया कि मानव द्वारा संसाधनों के अंधाधुंध दोहन, वनों की कटाई और प्रदूषण ने प्रकृति के संतुलन को गंभीर रूप से बिगाड़ दिया है. उन्होंने जल संरक्षण, पौधारोपण और प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया.

पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार का नहीं, हर नागरिक का कर्तव्य

विशिष्ट अतिथि डॉ. रजनीकांत पांडेय ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण मानव सभ्यता के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है. वहीं प्राचार्य प्रो. राजीव कुमार ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण में शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका बेहद अहम है. उन्होंने छात्रों को पर्यावरण-अनुकूल व्यवहार अपनाने की प्रेरणा दी. अंत में सभी ने पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया.

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