ईद मिलादुन्नबी औराई: जिले के औराई प्रखंड क्षेत्र में बुधवार को ईद-ए-मिलादुन्नबी का त्योहार पूरे अकीदत, मजहबी श्रद्धा और हर्षोल्लास के वातावरण में मनाया गया. इस मुकद्दस मौके पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब के यौम-ए-पैदाइश की खुशियां बांटीं. अहले सुबह से ही पूरे इलाके में नात-ए-पाक और दुरूद-ओ-सलाम की सदाएं गूंजती रहीं.
मकसूदपुर मजार पर उमड़ा अकीदतमंदों का सैलाब
प्रखंड क्षेत्र के करीब दो दर्जन गांवों से अकीदतमंदों ने आकर्षक और अनुशासित जुलूस निकाला.
- जुलूस महेश स्थान, मकसूदपुर, चंडीहा, रतवारा, कोकिलवारा, औराई, नयागांव और बभनगावां समेत कई गांवों से गुजरा.
- सभी जुलूस प्रखंड मुख्यालय स्थित मकसूदपुर गांव पहुंचे.
- यहां शेरे बिहार के नाम से मशहूर हजरत मुफ्ती असलम रिजवी साहब की मजार पर अकीदत के फूल व चादर पेश की गई.
- मजार परिसर में आयोजित विशेष दुआ में हजारों की संख्या में लोगों ने शिरकत की.
पैगंबर साहब की शिक्षाओं पर चलने का आह्वान
जलसे को संबोधित करते हुए उलमा-ए-किराम ने पैगंबर-ए-इस्लाम की जिंदगी, उनके अखलाक और इंसानियत के संदेश पर विस्तार से रौशनी डाली.
- उलेमा ने कहा कि यह दिन सिर्फ जश्न का नहीं, बल्कि पैगंबर साहब के आदर्शों को जीवन में उतारने का अवसर है.
- समाज में गरीबों और यतीमों की मदद करने तथा पड़ोसियों के साथ नेक व्यवहार करने का पैगाम दिया गया.
- युवाओं से नफरत मिटाकर आपसी सौहार्द, मोहब्बत और अमन कायम रखने की अपील की गई.
घरों और मस्जिदों में रही खास सजावट
त्योहार को लेकर ग्रामीण इलाकों में मस्जिदों और घरों को रंग-बिरंगी लाइटों व झंडियों से सजाया गया था. बच्चों और युवाओं में खासा उत्साह देखा गया. कार्यक्रम के समापन पर मुल्क में अमन-चैन, खुशहाली और आपसी भाईचारे की मजबूती के लिए विशेष सामूहिक दुआ मांगी गई.
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