Doctors Strike: “मांगे पूरी नहीं हुई तो आगे भी…”, OPD सेवा ठप कर हड़ताल पर गए डॉक्टर्स

Doctors Strike: बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ (BHSA) के आह्वान पर डॉक्टरों ने आज यानी गुरुवार से तीन दिनों के लिए ओपीडी सेवा का बहिष्कार कर दिया है. दूर-दराज ग्रामीण क्षेत्रों से इलाज के लिए पहुंचने वाले सैकड़ों मरीजों को बिना इलाज कराए वापस लौटना पड़ रहा है. संघ ने कई मांगें रखी हैं. पढे़ं पूरी खबर…

Doctors Strike: बिहार के शिवहर, गोपालगंज और मधुबनी जिले में जिलाधिकारी द्वारा डॉक्टरों की बायोमेट्रिक डेली अटेंडेंस के आधार पर बीते कई महीने से सैलरी रोकने से नाराज डॉक्टर्स अब एकजुट हो गए हैं. बिहार स्वास्थ्य संघ (BHSA) के आह्वान पर डॉक्टरों ने आज यानी गुरुवार से तीन दिनों के लिए ओपीडी सेवा का बहिष्कार कर दिया है. डॉक्टरों के इस फैसले से दूर दराज ग्रामीण क्षेत्रों से इलाज के लिए पहुंचने वाले सैकड़ों मरीजों को बिना इलाज कराए वापस लौटना पड़ रहा है. इससे मरीजों को काफी परेशानी हो रही है. खासकर बुजुर्ग मरीजों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे मरीजों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति आक्रोश बना हुआ है. बता दें, हड़ताल पर गए डॉक्टरों की कई मांगें हैं. इनमें चिकित्सकों का कई महीने से रुकी सैलरी को जल्द जारी किया जाए, डॉक्टरों को डीएम समेत अन्य पदाधिकारियों के द्वारा अशिष्ट व अमर्यादित भाषा से अपमानित नहीं करने, डॉक्टरों का अस्पताल में रहने के लिए आवास के साथ पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई जाए आदि शामिल हैं. बिहार स्वास्थ्य संघ (BHSA) ने कहा कि सरकार गंभीरता से अगर इन मांगों को पूरा नहीं करती है तो डॉक्टरों की ओपीडी सेवा आगे भी बाधित रहेगी.

OPD बंद होने से परेशान दिखे मरीज

इमरजेंसी अस्पताल में मरीजों की उमड़ रही भीड़

बता दें, डॉक्टरों के ओपीडी सेवा बहिष्कार के बाद इमरजेंसी अस्पताल में मरीजों की भीड़ बेकाबू होती दिख रही है. डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को बढ़ते मरीजों की संख्या से कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. अस्पताल में अतिरिक्त भीड़ से इमरजेंसी पर्ची काउंटर के बाहर इलाज को लेकर भीड़ बनी रही. अस्पताल की व्यवस्था चरमा गई है.

अस्पताल प्रशासन ने की वैकल्पिक व्यवस्था

अनुमंडलीय अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक डॉ अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ (BHSA) के आह्वान पर डॉक्टरों ने ओपीडी सेवा का बहिष्कार कर दिया है. जिसको देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने आईपीड़ी में डॉक्टर और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को बढ़ाते हुए समुचित इलाज की वैकल्पिक व्यवस्था की है ताकि इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को कई परेशानी नहीं हो.

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By Aniket kumar

अनिकेत कुमार प्रभात खबर के साथ पिछले दो वर्षों से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वे मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार के आठ प्रमुख जिलों—मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सीतामढ़ी, समस्तीपुर, मधुबनी, शिवहर, बेतिया और मोतिहारी—की डिजिटल टीम को लीड करते हैं. पत्रकारिता में उन्हें करीब पांच वर्षों का अनुभव है.

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अपने पत्रकारिता करियर में उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को जमीनी स्तर पर कवर किया है. प्रभात खबर के साथ बिहार विधानसभा चुनाव कवरेज के दौरान उन्होंने करीब 50 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया, जहां मतदाताओं से सीधे संवाद किया और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चौपाल कार्यक्रम किए. नेताओं से सीधे सवाल पूछने के साथ उन्होंने जनता के बीच जाकर कई जमीनी मुद्दों को वीडियो रिपोर्ट के जरिए सामने रखा. चुनाव के दौरान अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में समय बिताने और लोगों के बीच रहकर रिपोर्टिंग करने के अनुभव उन्हें डेस्क पर खबरों को बेहतर संदर्भ के साथ समझने और प्रस्तुत करने में मदद करते हैं.

प्रभात खबर से पहले वे राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने शुरुआती शिक्षा मुजफ्फरपुर में अंग्रेजी माध्यम से प्राप्त की और इसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की.

बदलते मीडिया परिदृश्य और AI के दौर की पत्रकारिता को समझने में भी उनकी लगातार रुचि है. वे नए AI टूल्स और तकनीकों को सीखते हैं और उन्हें पत्रकारिता के काम में उपयोग करने के तरीकों पर लगातार प्रयोग करते रहते हैं. खाली समय में साहित्यिक किताबें पढ़ना और वीडियो बनाना उन्हें पसंद है. उनके लिए पत्रकारिता एक लगातार सीखने और बेहतर करने की प्रक्रिया है.

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