Rice Mill Inspection:जिले में धान खरीद और सीएमआर (कस्टम मिल्ड राइस) आपूर्ति में पारदर्शिता लाने के लिए जिला प्रशासन सख्त हो गया है.डीएम कुमार गौरव ने जिले की सभी राइस मिलों की भौतिक जांच कराने के निर्देश दिए हैं.सभी प्रखंडों के वरीय प्रभारी अधिकारी इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे.इसके लिए 16 प्रखंडों के बीडीओ को जिम्मेदारी सौंपी गई है.
31 जुलाई तक शत-प्रतिशत सीएमआर आपूर्ति का लक्ष्य
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के निर्देशानुसार,31 मार्च तक किसानों से खरीदे गए धान के समतुल्य शत-प्रतिशत गुणवत्तायुक्त सीएमआर की आपूर्ति 31 जुलाई तक बिहार राज्य खाद्य निगम को करानी है.इसी के तहत अवशेष धान और मिलों की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए जांच टीम का गठन किया गया है.
बीडीओ और जांच दल सौंपेंगे रिपोर्ट
डीएम ने सभी प्रतिनियुक्त अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे पैक्सों,व्यापार मंडलों में बचे धान और राइस मिलों की भौतिक जांच कर रिपोर्ट जिला सहकारिता कार्यालय को भेजें.इसके बाद जिला सहकारिता अधिकारी समेकित रिपोर्ट तैयार कर उच्च स्तर पर सौंपेंगे.
जिले के पैक्सों में धान का विवरण
जांच के दायरे में जिले के कई प्रखंड शामिल हैं.गायघाट के 13 पैक्सों में 1742.3 मीट्रिक टन,पारू के 12 पैक्सों में 1421.20 मीट्रिक टन,सरैया के 13 पैक्सों में 1400.8 मीट्रिक टन और साहेबगंज के 16 पैक्सों में 1346.95 मीट्रिक टन धान अवशेष हैं.इसी तरह अन्य प्रखंडों में भी बचे धान की भौतिक मापी की जाएगी.
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