नहर बांध टूटने से विस्थापित लोग खुले में रहने विवश

बंगरा निजामत पंचायत के देवसर नाला का नहर बांध रविवार को टूटने से विस्थापित हुए लोगों के लिए सरकारी स्तर पर किसी प्रकार की राहत मुहैया नहीं करायी जा सकी है.

बांध टूटने से एक हजार से अधिक की आबादी प्रभावित सरकारी स्तर पर राहत मुहैया नहीं करायी जा सकी साहेबगंज. प्रखंड की बंगरा निजामत पंचायत के देवसर नाला का नहर बांध रविवार को टूटने से विस्थापित हुए लोगों के लिए सरकारी स्तर पर किसी प्रकार की राहत मुहैया नहीं करायी जा सकी है. नहर बांध पर शरण ले रखे शिवचंद्र मांझी, रमावती देवी, देवलाल मांझी, हरिश्चंद्र मांझी, मदन मांझी, रामदयाल मांझी, रामेश्वर मांझी, भोला मांझी, रंजीत मांझी, नन्हकी मांझी, सुरेश मांझी समेत अन्य लोगों ने बताया कि वे लोग खुले में रहने को विवश हैं. उन लोगों के बीच खाने-पीने की समस्या हो गयी है. जानकारी हो कि देवसर नाला के नहर बांध के उत्तर-पश्चिम दिशा में 50 फुट की दूरी में बांध टूट गया है. इस कारण एक हजार से अधिक की आबादी बुरी तरह प्रभावित है. प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा इसकी सुधि नहीं लिये जाने पर मुखिया पति रंजीत कुमार ने नाराजगी जतायी. उन्होंने यथाशीघ्र नाव व पॉलीथिन की व्यवस्था समेत अन्य सुविधाएं मुहैया कराने की मांग की है.

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