सीजेड पिस्टल जब्ती: मुजफ्फरपुर की अदालत ने चेक गणराज्य निर्मित अत्याधुनिक सीजेड पिस्टल और 9 एमएम बोर की 74 प्रतिबंधित गोलियों की बरामदगी मामले में मुख्य आरोपी गोविंद शर्मा के खिलाफ चल रहा मुकदमा बंद करने का आदेश दिया है. अपर सत्र न्यायाधीश (एएसजे प्रथम) की अदालत ने इस संबंध में विधिवत आदेश पारित किया है. आरोपी की हत्या हो जाने के कारण अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर यह कानूनी कार्रवाई समाप्त की गई है.
मौत के साक्ष्य पेश होने पर अदालत ने बंद किया केस
विदेशी हथियार जब्ती मामले में ट्रायल के दौरान आरोपी गोविंद शर्मा की हत्या हो गई थी.
- अपर लोक अभियोजक (एपीपी) ने गोविंद शर्मा की मौत की पुष्टि के लिए नगर थाने में दर्ज हत्या की एफआईआर की मूल प्रति अदालत में पेश की.
- अभियोजन के साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद एएसजे प्रथम ने आरोपी के खिलाफ चल रहे वाद को ड्रॉप (समाप्त) करने का निर्णय सुनाया.
द्वारिका नगर ग्रिड के पास से हुई थी गिरफ्तारी
यह मामला करीब दो साल पुराना है, जब विशेष पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर मुशहरी थाना क्षेत्र अंतर्गत द्वारिका नगर पावर ग्रिड के पास घेराबंदी की थी.
- 25 अक्टूबर की सुबह आरोपी गोविंद पटना से भाड़े की कैब लेकर मिठनपुरा की तरफ आ रहा था.
- पुलिस घेराबंदी देखकर उसने चलती गाड़ी से कूदकर भागने का प्रयास किया और जवानों के साथ हाथापाई भी की.
- तलाशी के दौरान उसके पास से लोडेड सीजेड पिस्टल मिली, जबकि कैब की डिक्की में रखे बैग से अतिरिक्त मैगजीन और 74 कारतूस बरामद किए गए.
- सभी कारतूस 9 एमएम बोर के थे, जिनका इस्तेमाल सेना और सुरक्षा बल करते हैं.
कैब चालक नितेश पर अलग से जारी रहेगा मुकदमा
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कैब चालक नितेश कुमार को भी पकड़ा था, जो शिवहर जिले के तरियानी थाना क्षेत्र स्थित जगदीशपुर कोठिया का निवासी है. मुख्य आरोपी की मौत के बाद अदालत ने चालक नितेश कुमार की पत्रावली को अलग कर दिया है. वर्तमान में उसके खिलाफ अभियोजन साक्ष्य के बिंदु पर ट्रायल चल रहा है, जिसकी अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को होगी.
ये भी पढ़ें: 20 लोगों को लहूलुहान करने वाला आक्रामक बंदर पकड़ा गया: छह घंटे चला रेस्क्यू, अस्पताल में नहीं मिली रेबीज की सूई
