Chhath Puja 2024: छठ महापर्व के उत्साह से बाजार में रौनक, मुजफ्फरपुर में 950 करोड़ का व्यापार

Chhath 2024: इस बार छठ महापर्व पर बाजारों में काफी रौनक दिखी। कपड़ों से लेकर फल, सूप, दउरा व पीतल के बर्तनों की खूब बिक्री हुई। मंगलवार तक बाजार में करीब 950 करोड़ का कारोबार हुआ है।

Chhath Puja 2024: पर्व के उत्साह से बाजार उछला और देखते- देखते 950 करोड़ रुपये का कारोबार हो गया. छठ से जुड़े सभी सामग्रियों की बिक्री ने नया रिकॉर्ड बनाया है. कपड़ों से लेकर फल, सूप दउरा व पीतल के बर्तनों की खूब बिक्री हुई. मंगलवार तक बाजार के आंकड़ों के अनुसार शहर में तकरीबन 950 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ है. शहर के व्यवसायियों को भी ऐसी उम्मीद नहीं थी. छठ के बाजार की ग्रोथ ने उन्हें खुश कर दिया. दुकानदारों का कहना है कि हर साल छठ करने वाली व्रतियों की संख्या बढ़ जाती है. इसके अलावा कुछ लोग दूसरे व्रतियों से अपना छठ कराते हैं, इसके लिए भी वह सामान की खरीदारी करते हैं. इस कारण इस बार बाजार का ऐसा रूख देखने को मिला. छठ का प्रसाद बनाने के लिए आटा, मैदा, रिफाइन व घी की बिक्री भी इस बार काफी हुई. इसके अलावा घी की भी जबरदस्त बिक्री हुई है.

पीतल की थाली की अच्छी बिक्री 

शहर में घी के 200 से अधिक काउंटरों पर पिछले तीन दिनों से जमकर बिक्री हो रही है. पीतल का सूप भी इस बार छठ व्रतियों की पसंद बना. कोलकाता व दिल्ली से मंगाये गये पीतल के सूप इस बार काफी बिके. इसके अलावा पीतल की थाली की भी अच्छी बिक्री हुई. बाजार समिति से केला व सेब की डिमांड लगातार बनी हुई है. फल मंडी के दुकानदारों का कहना है कि इस बार फलों का कारोबार 20 फीसदी के ग्रोथ पर रहने की संभावना है. 

आंध्रप्रदेश, कर्नाटक व तमिलनाडु से नारियल की खेप

बाजार समिति में छठ के लिए रोज एक सौ ट्रक से अधिक फल पहुंच रहा है. असम और केरल से नारियल की खेप आ रही है. इसके अलावा बंगलुरु, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक व तामिलनाडु से भी नारियल की आपूर्ति हो रही है. यहां प्रतिदिन 15 ट्रक पहुंच रहा है. करीब एक सप्ताह से बाजार समिति के नारियल की डिमांड बढ़ी हुई है. व्यापारियों की माने तो इस बार छठ में करीब 100 ट्रक से अधिक नारियल की खपत होगी. छठ में हाजीपुर के केले के अलावा पश्चिम बंगालका चिनिया केला की बिक्री हो रही है. इस बार आंध्र प्रदेश से भी काफी संख्या में केले की खेप पहुंची है. कई व्यापारियों ने कर्नाटक के होस्पेट से भी केला मंगाया है. सामान्य केला के घौद में 12 से 15 दर्जन केला होता है जबकि कर्नाटक के केला के घौद में 18 से 22 दर्जन केला होता है, इसलिए इसकी डिमांड भी अधिक है. बाजार में केले की खपत काफी हो रही है. बाजार समिति में खरना तक केले की खेप आयेगी.

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Published by: Aniket kumar

अनिकेत बीते 4 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थान के साथ काम करने का अनुभव. एंटरटेनमेंट, हाईपरलोकल और राजनीति की खबरों से अधिक जुड़ाव. वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ कार्यरत.
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