शहर के व्यापारी व दुकानदारों पर बोझ, 2500 का ट्रेड लाइसेंस, दो हजार रुपये लग रहा है जुर्माना

शहर के व्यापारी व दुकानदारों पर बोझ, 2500 का ट्रेड लाइसेंस, दो हजार रुपये लग रहा है जुर्माना

: अगले महीने से जितना ट्रेड लाइसेंस शुल्क लगेगा, उतना ही जुर्माना भरना पड़ेगा

: व्यवस्था में गड़बड़ी के कारण अनावश्यक परेशान हो रहे हैं शहर के व्यापारी

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर

मुजफ्फरपुर नगर निगम से शहर के व्यापारी/दुकानदार को नया ट्रेड लाइसेंस लेने एवं पुराने का रिन्युअल कराने पर अभी भारी जुर्माना लग रहा है. ट्रेड लाइसेंस का अधिकतम शुल्क ढाई हजार रुपये निर्धारित है. लेकिन, नगर निगम अभी ढाई हजार रुपये का ट्रेड लाइसेंस लेने पर दाे हजार रुपये का जुर्माना वसूला जा रहा है. अगले महीने यानी अगस्त से जितना रुपये का ट्रेड लाइसेंस होगा, उतना ही जुर्माना लग जायेगा. इसका नतीजा है कि काफी कम संख्या में दुकानदार नये ट्रेड लाइसेंस लेने के साथ पुराने का रिन्युअल करा रहे हैं. इससे नगर निगम का राजस्व का भारी नुकसान पहुंच रहा है. चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में अभी तक महज 35 लाख रुपये की ही वसूली हो पायी है. जबकि, करोड़ से भी अधिक का लक्ष्य नगर निगम तय किये हुए है.

बता दें कि नगर निगम से तीन तरह का ट्रेड लाइसेंस निर्गत होता है. सबसे कम 1000 रुपये शुल्क तय है. इसके बाद 2000 और 2500 रुपये का ट्रेड लाइसेंस मिलता है. अभी 1000 रुपये का ट्रेड लाइसेंस लेने पर 800 का जुर्माना एवं 2000 रुपये का ट्रेड लाइसेंस लेने पर 1600 रुपये का जुर्माना लग रहा है. अगले महीने से जितना का ट्रेड लाइसेंस शुल्क, उतना ही जुर्माना की राशि लगेगी.

एडवांस लाइसेंस लेने पर छूट दे रहा निगम

नगर निगम एडवांस यानी अगले एक व दो साल का ट्रेड लाइसेंस लेने पर व्यापारियों को न्यूनतम 03 से अधिकतम 10 फीसदी का छूट प्रदान कर रहा है. चालू वित्तीय वर्ष के साथ अगर कोई अगले वित्तीय वर्ष 2026-27 का ट्रेड लाइसेंस अभी लेगा. तब चालू वित्तीय वर्ष के ट्रेड लाइसेंस पर जुर्माना एवं अगले वित्तीय वर्ष के ट्रेड लाइसेंस पर 03 प्रतिशत का छूट देगा. वहीं, अगर वे एडवांस में दो वित्तीय वर्ष का ट्रेड लाइसेंस लेते हैं. तब उन्हें 10 प्रतिशत का छूट मिलेगा. हालांकि, चालू वित्तीय वर्ष के ट्रेड लाइसेंस पर जुर्माना भरना होगा.

डेढ़ हजार के आसपास अभी तक निर्गत हुआ है ट्रेड लाइसेंस

चालू वित्तीय वर्ष के तीन महीने में नगर निगम लगभग डेढ़ हजार ट्रेड लाइसेंस निर्गत किया है. इसमें अधिकतर रिन्यूअल ही है. जबकि, शहर में बड़ी संख्या में व्यापारी व दुकानदार है. पिछले वित्तीय वर्ष में लगभग एक करोड़ रुपये की वसूली हुई थी. तीन हजार से अधिक दुकानदारों ने अपना नया लेने के साथ पुराने का रिन्युअल कराया था. इस बार जुर्माना लेने के कारण इन दिनों इक्का-दुक्का दुकानदार पहुंच रहे हैं. बहुत सारे ऐसे भी है, तो इंक्वायरी करने के बाद जुर्माना की राशि अधिक होने के कारण रिटर्न हो जाते हैं.

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By Devesh Kumar

I am working as a senior reporter at Prabhat Khabar muzaffarpur. My writing focuses on nagar nigam political, social, and current topics.

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