Muzaffarpur child labour free: मुजफ्फरपुर जिले के बोचहाँ प्रखंड क्षेत्र की तीन पंचायतों देवगन, बलथी रसूलपुर और नरकटिया को बाल श्रम मुक्त पंचायत बनाने की दिशा में विभागीय अभियान तेज कर दिया गया है. बुधवार को बोचहाँ के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी ने संबंधित पंचायतों के मुखियाओं से संपर्क कर श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के आदेश से अवगत कराया और अभियान को सफल बनाने में सहयोग की अपील की.
Anti Child Labour Drive: 90 दिनों के भीतर बाल श्रम मुक्त बनाने का लक्ष्य
विभागीय निर्देश के अनुसार प्रत्येक प्रखंड की तीन पंचायतों का चयन कर उन्हें 90 दिनों के भीतर बाल श्रम मुक्त पंचायत बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसी क्रम में बोचहाँ प्रखंड की देवगन, बलथी रसूलपुर और नरकटिया पंचायत का चयन किया गया है. प्रशासन द्वारा इस अवधि के भीतर प्रभावी परिणाम सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.
ग्राम सभा और टास्क फोर्स के माध्यम से जागरूकता
अभियान के तहत ग्राम सभा की बैठकों के माध्यम से जन-जागरूकता फैलाने, पंचायत स्तर पर प्रभात फेरी निकालने, ई-रिक्शा के जरिए व्यापक प्रचार-प्रसार तथा टास्क फोर्स की नियमित बैठक आयोजित करने की योजना है. इसके अलावा जनप्रतिनिधियों, कर्मचारियों और स्थानीय लोगों के सहयोग से रोक-टोक अभियान चलाया जाएगा ताकि बाल श्रम पर प्रभावी रोक लग सके.
बाल श्रमिकों को कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने की पहल
सार्वजनिक स्थलों पर बाल श्रम निषेध से संबंधित पोस्टर और बैनर लगाने के साथ-साथ बाल श्रमिकों को चिन्हित कर उनके परिजनों को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने की कार्रवाई की जाएगी. श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी मोहम्मद अली ने बताया कि चयनित पंचायतों के मुखियाओं को पत्र जारी कर अभियान की पूरी जानकारी दी गई है.
नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से प्रचार-प्रसार
विभाग ने अभियान की सफलता के लिए व्यापक जन-जागरूकता पर विशेष जोर दिया है. नुक्कड़ नाटक, सांस्कृतिक कार्यक्रम, स्थानीय कलाकारों और विद्यार्थियों की भागीदारी के साथ स्थानीय भाषा में प्रचार सामग्री के माध्यम से लोगों को बाल श्रम के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाएगा, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव आ सके.
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