बीआरएबीयू और वीकेएसयू के वित्तीय मामलों की होगी निगरानी जांच: सरकार का कड़ा रुख, राजभवन को भेजा पत्र

बीआरएबीयू और वीकेएसयू में वित्तीय अनियमितताओं की आशंका के बीच सरकार का सख्त रुख। निगरानी जांच का आदेश, राजभवन को भेजा पत्र।

विश्वविद्यालय निगरानी जांच: बाबा साहेब भीमराव बिहार विश्वविद्यालय (बीआरएबीयू), मुजफ्फरपुर और वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय (वीकेएसयू), आरा के वित्तीय कामकाज अब निगरानी विभाग के रडार पर आ गए हैं. दोनों प्रमुख विश्वविद्यालयों में पैसों के लेन-देन, आंतरिक खर्चों और गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की आशंका को लेकर राज्य सरकार ने बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है. बिहार विधान परिषद की शिक्षा समिति की ठोस सिफारिश के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने दोनों विश्वविद्यालयों के वित्तीय क्रियाकलापों की उच्चस्तरीय जांच निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से कराने का रास्ता पूरी तरह साफ कर दिया है.

राजभवन को पत्र भेजकर तत्काल कार्रवाई के निर्देश

मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए उच्च शिक्षा विभाग ने राजभवन सचिवालय के अधिकारियों को औपचारिक पत्र भेजा है. पत्र के माध्यम से दोनों विश्वविद्यालयों के वित्तीय रिकॉर्ड की जांच निगरानी विभाग से कराने को लेकर आवश्यक व तत्काल प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया है. विभाग ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि उच्च शिक्षण संस्थानों में पाई-पाई का हिसाब और वित्तीय पारदर्शिता अनिवार्य है. वित्तीय अनुशासनहीनता, बजट के दुरुपयोग या किसी भी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

विधान परिषद में उठे थे गंभीर सवाल

विश्वविद्यालयों में खर्च और वित्तीय प्रबंधन को लेकर लंबे समय से सवाल खड़े हो रहे थे. इस जांच की पृष्ठभूमि विधान परिषद की बैठकों से तैयार हुई:

  • विधान परिषद के पिछले सत्रों और बैठकों के दौरान दोनों विश्वविद्यालयों के वित्तीय प्रबंधन, विभिन्न मदों में हुए आवंटन और अनाधिकृत खर्चों पर सदस्यों ने गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई थीं.
  • सदस्यों के तीखे विरोध और तथ्यात्मक साक्ष्यों के आधार पर विधान परिषद की शिक्षा समिति ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच की अनुशंसा की थी.
  • विभागीय मंत्री स्तर से हरी झंडी मिलने के उपरांत अब निगरानी विभाग किसी भी समय विश्वविद्यालयों में पहुंचकर फाइलों, वाउचर्स और बैंक खातों की सघन जांच शुरू कर सकता है.

विश्वविद्यालय प्रशासनिक हलकों में मचा भारी हड़कंप

सरकार के इस कड़े फैसले के बाद बीआरएबीयू मुजफ्फरपुर और वीकेएसयू आरा दोनों ही परिसरों में खलबली मच गई है. गोपनीय फाइलों, निर्माण कार्यों के भुगतान, खरीदारी और विभिन्न विकास योजनाओं के बिलों की जांच होने की संभावना से संबंधित पदाधिकारियों में भारी बेचैनी है.

ये भी पढ़ें: नए राजेंद्र रेल पुल पर एनआई कार्य: 4 अक्टूबर तक कई ट्रेनें रद्द, मुजफ्फरपुर-कोलकाता एक्सप्रेस का परिचालन प्रभावित

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Ankit

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >