बिहार में आंतरिक सुरक्षा को मिलेगा नया कवच, 40 महिला जवानों की एनएसजी ट्रेनिंग से बनेगी कमांडो विंग

बिहार की आंतरिक सुरक्षा को और मजबूत बनाने की कवायद तेज हो गई है. 40 महिला जवानों को एनएसजी कमांडो ट्रेनिंग के लिए भेजा गया है, जिससे राज्य की महिला कमांडो विंग को मजबूती मिलेगी.

Muzaffarpur News: बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (बीएसएपी) को आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर और अधिक सक्षम बनाने की कवायद तेज हो गयी है. इसी क्रम में सोमवार को बीएसएपी के अपर महानिदेशक (एडीजी) नैयर हसनैन खान ने मालीघाट स्थित बीएसएपी-6 परिसर का निरीक्षण किया. उन्होंने डीआइजी सत्यनारायण कुमार और वाहिनी के कमांडेंट रंजन कुमार के साथ समीक्षा बैठक कर प्रशिक्षण, कार्ययोजना और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली.

बीएसएपी की कार्ययोजना और प्रशिक्षण व्यवस्था की समीक्षा

समीक्षा बैठक में एडीजी ने वाहिनी की मौजूदा कार्ययोजना, प्रशिक्षण व्यवस्था और संचालित गतिविधियों की जानकारी ली. इसके बाद उन्होंने बीएसएपी-6 परिसर की मूलभूत सुविधाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का निरीक्षण किया. इस दौरान बेसिक कोर्स कर रहे जवानों और महिला कर्मियों के साथ विशेष सभा कर उनकी समस्याएं और सुझाव भी सुने.

महत्वपूर्ण धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की सुरक्षा संभाल रही बीएसएपी

एडीजी ने बताया कि बीएसएपी राज्य में कई प्रमुख धरोहरों और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रही है. इनमें पटना का महावीर मंदिर और तख्त श्री हरि मंदिर साहिब, गया का विष्णुपद मंदिर, सीतामढ़ी का पुनौरा धाम मंदिर और बगही धाम, मुजफ्फरपुर का बाबा गरीबनाथ धाम, सोनपुर का हरिहरनाथ मंदिर, वैशाली का बुद्ध अवशेष स्तूप, राजगीर का विश्व शांति स्तूप, नालंदा विश्वविद्यालय के प्राचीन खंडहर, विक्रमशिला विश्वविद्यालय के अवशेष और सासाराम स्थित शेरशाह सूरी का मकबरा शामिल हैं. आने वाले समय में मुजफ्फरपुर के बाबा गरीबनाथ मंदिर और एयरपोर्ट की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी बीएसएपी को मिलने की संभावना जतायी गयी है.

रैफ की तर्ज पर 50 जवानों को विशेष प्रशिक्षण

बीएसएपी जवानों की कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए कोइलवर में 50 जवानों को रैपिड एक्शन फोर्स (रैफ) की तर्ज पर विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इस प्रशिक्षण का उद्देश्य जवानों को आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार करना है. एडीजी के अनुसार, इससे जरूरत पड़ने पर बिहार अपनी आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मामलों में केंद्रीय या बाहरी बलों पर निर्भरता कम कर सकेगा.

40 महिला जवान ले रही हैं एनएसजी की कमांडो ट्रेनिंग

बिहार पुलिस में महिला शक्ति को मजबूत करने के उद्देश्य से करीब 40 महिला जवानों को एनएसजी के कमांडो कोर्स के लिए दिल्ली भेजा गया है. वहां उन्हें उन्नत कमांडो प्रशिक्षण दिया जा रहा है. प्रशिक्षण पूरा होने के बाद इन महिला जवानों को बिहार पुलिस की मजबूत महिला कमांडो विंग में तैनात किए जाने की योजना है.

दो नई बटालियन के गठन का प्रस्ताव सरकार को भेजा

बीएसएपी की कुल क्षमता बढ़ाने के लिए राज्य सरकार को दो नई बटालियन के गठन का प्रस्ताव भेजा गया है. एडीजी ने उम्मीद जतायी कि निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस पर जल्द निर्णय लिया जाएगा. इसके साथ ही बीएसएपी-6 मालीघाट को आधुनिक और सुसज्जित बेसिक प्रशिक्षण इकाई के रूप में विकसित करने की योजना है. इसके लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी सरकार को भेजा गया है.

बेहतर प्रशिक्षण से मजबूत होगी आंतरिक सुरक्षा

एडीजी नैयर हसनैन खान ने कहा कि बीएसएपी-6 का निरीक्षण किया गया है और जवानों को बेहतर प्रशिक्षण तथा सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर है. उनके अनुसार, एनएसजी में प्रशिक्षण ले रही महिला जवानों और रैफ की तर्ज पर तैयार हो रहे बल से बिहार की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने में मदद मिलेगी.

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By Chandan

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