मुजफ्फरपुर से विनय कुमार की रिपोर्ट
Bharat Bhushan Tiwari Encounter Ara: बिहार के आरा में सामाजिक कार्यकर्ता भरत भूषण तिवारी के कथित पुलिस एनकाउंटर का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. मुजफ्फरपुर में इस घटना को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है. आम गोला पड़ाव पोखर स्थित प्रोफेसर ओम प्रकाश झा के आवास पर ‘भगवान परशुराम सनातन परिषद’ की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में आरा एनकाउंटर मामले पर विस्तार से चर्चा की गई और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए गए.
निष्पक्ष जांच और दोषियों पर एफआईआर की मांग
बैठक के दौरान परिषद के सदस्यों ने एक सुर में सामाजिक कार्यकर्ता भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर की कड़ी निंदा की. सदस्यों ने राज्य सरकार से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए. परिषद का स्पष्ट कहना है कि इस एनकाउंटर में शामिल सभी पुलिस अधिकारियों की भूमिका की गहनता से जांच होनी चाहिए. जांच प्रक्रिया में जो भी अधिकारी या पुलिसकर्मी दोषी पाए जाते हैं, उन्हें तुरंत चिह्नित कर उनके खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए और उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. सदस्यों ने जोर देते हुए कहा कि ऐसी संवेदनशील घटनाओं की पारदर्शी जांच होने से ही आम जनता का कानून व्यवस्था और पुलिस प्रशासन पर विश्वास कायम रह सकेगा.
50 लाख का मुआवजा और परिवार को मिले सुरक्षा
बैठक की अध्यक्षता करते हुए परिषद के अध्यक्ष और वरिष्ठ समाजवादी नेता तेजनारायण झा (तेजू भाई) ने कहा कि मृतक के परिवार को इस समय भारी खतरे का सामना करना पड़ रहा है. इसलिए राज्य सरकार अविलंब भरत भूषण तिवारी के पीड़ित परिवार को पर्याप्त पुलिस सुरक्षा प्रदान करे. इसके साथ ही, उन्होंने सरकार से पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये का आर्थिक मुआवजा देने और भरण-पोषण के लिए परिवार के किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी पुरजोर मांग की है.
बैठक में ये प्रमुख लोग रहे मौजूद
इस आक्रोशपूर्ण बैठक में मुख्य रूप से समाजसेवी ओम प्रकाश झा, अशोक झा, प्रोफेसर विकास नारायण उपाध्याय, महंत कमलेश झा, कुंदन शांडिल्य, अजय चौधरी और फतेह बहादुर सिंह सहित परिषद के कई अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे. सभी ने न्याय मिलने तक अपनी आवाज बुलंद करने का संकल्प लिया.
