मुजफ्फरपुर जमीन विवाद: जिले के अहियापुर थाने में बेलसंड विधायक अमित कुमार रानू, उनके भाई अभिनव कुमार और मुशहरी अंचल अधिकारी (सीओ) महेंद्र शुक्ला सहित कुल आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग से सेवानिवृत्त अवर सचिव विजय कुमार ने आरोप लगाया है कि शहबाजपुर सलेम स्थित उनकी करीब 15 करोड़ रुपये मूल्य की पुश्तैनी जमीन को हड़पने के लिए विधायक के प्रभाव और सीओ की मिलीभगत से बड़ा फर्जीवाड़ा किया गया है.
फर्जी दस्तावेज बनाकर दाखिल-खारिज कराने का आरोप
शिकायत के अनुसार, पीड़ित के दादा स्वर्गीय योगेंद्र शाही के नाम दर्ज खतियानी जमीन के फर्जी दस्तावेज व जाली केवाला तैयार किए गए. आरोप है कि मुशहरी सीओ महेंद्र शुक्ला ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए नियमों को ताक पर रखकर भू-माफिया और विधायक के भाई के पक्ष में इन जाली कागजात के आधार पर अवैध दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) को मंजूरी दे दी.
मामले के मुख्य बिंदु:
- शहबाजपुर सलेम स्थित 15 करोड़ की पुश्तैनी जमीन पर कब्जे के लिए रची गई थी बड़ी साजिश.
- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के रिटायर्ड अवर सचिव विजय कुमार ने दर्ज कराई अहियापुर थाने में प्राथमिकी.
- बेलसंड विधायक अमित कुमार रानू, उनके भाई अभिनव कुमार और मुशहरी सीओ समेत 8 लोग बने नामजद आरोपित.
- फर्जी केवाला और दस्तावेजों के जरिए अवैध म्यूटेशन कर जमीन हड़पने का लगा गंभीर आरोप.
एडीएम की जांच में फर्जीवाड़ा उजागर, तेज हुई कार्रवाई
जिलाधिकारी से की गई शिकायत के उपरांत एडीएम स्तर से कराई गई जांच में पूरे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ. जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि अंचल अधिकारी ने नियमों की अनदेखी कर विधायक और उनके भाई को अनुचित लाभ पहुंचाया. प्रशासन ने सीओ से स्पष्टीकरण तलब किया है, वहीं सिटी एसपी के आदेश पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
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