सावधान! बिहार में बढ़ रही फर्जी नंबर प्लेट की घटनाएं, मुजफ्फरपुर में बाइक पटना में कट गया चालान

Bihar: मुजफ्फरपुर में उज्ज्वल मणि की बाइक घर पर खड़ी थी, लेकिन पटना में उसी नंबर की बाइक का ट्रैफिक चालान कट गया. जांच में फर्जी नंबर प्लेट और बाइक नंबर की क्लोनिंग का मामला सामने आया है. पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच तेज कर दी है.

Bihar: मुजफ्फरपुर के काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के चक्कर चौक निवासी उज्ज्वल मणि अपनी बुलेट बाइक (नंबर BRO6BW5387) को हमेशा घर की पार्किंग में ही रखते थे. 31 जुलाई की सुबह उनके मोबाइल पर अचानक एक हजार रुपये के ट्रैफिक चालान का मैसेज आया, जिसमें बताया गया कि पटना के दिनकर गोलंबर के पास उसी नंबर की बाइक का फोटो खींच गया है.फोटो में दो युवक बिना हेलमेट नजर आ रहे थे.

आरोपी की पहचान के लिए जांच जारी

पहले उज्ज्वल को यह तकनीकी गड़बड़ी लगी, लेकिन फोटो और मौके की पुष्टि के बाद साफ हुआ कि उनकी बाइक की नंबर प्लेट का कोई और व्यक्ति उपयोग कर रहा है. उज्ज्वल ने काजी मोहम्मदपुर थाने में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी है. पुलिस ने मामला बाइक नंबर की क्लोनिंग और फर्जीवाड़े का मानते हुए जांच शुरू कर दी है. थानाध्यक्ष जयप्रकाश ने बताया कि दिनकर गोलंबर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज निकाली जा रही है ताकि असली आरोपी की पहचान की जा सके.

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लगातार हो रही है इस तरह की घटनाएं

इस तरह की घटनाएं अब बिहार के अलग-अलग जिलों में लगातार सामने आ रही हैं, जिसमें अपराधी दूसरों के वाहन नंबर का क्लोन कर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाते नजर आते हैं.पता चलते ही चालान का दंड असली मालिक को भुगतना पड़ता है. पुलिस ने अपील की है कि ऐसी स्थिति में तत्काल थाने में आवेदन दें और चालान की कॉपी संलग्न करें, जिससे जांच प्रक्रिया शुरू हो सके.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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