Bagmati river flood: मुजफ्फरपुर जिले के कटरा प्रखंड में बागमती नदी के जलस्तर में अचानक लगभग छह फीट की भारी वृद्धि होने से बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है. नदी का पानी फैलने से प्रखंड के उत्तरी हिस्से की 14 पंचायतों के करीब 50 गांवों का प्रखंड मुख्यालय से सीधा सड़क संपर्क पूरी तरह भंग हो गया है. कटरा पीपा पुल के दोनों ओर पहुंच पथ पर लगभग चार फीट बाढ़ का पानी चढ़ गया है, जिससे वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप है.
2 किमी के सफर के लिए तय करनी पड़ रही 50 किमी की दूरी
सड़क संपर्क टूटने के कारण प्रखंड की बसघट्टा, लखनपुर, पहसौल, खंगुराडीह, नगबारा, चंगेल, कटाई, यजुआर मध्य, यजुआर पूर्वी, यजुआर पश्चिम, बेलपकौना, बंधपुरा बर्री और तेहबारा सहित अन्य पंचायतों के लोगों की मुश्किलें बेहद बढ़ गई हैं. ग्रामीणों को प्रखंड मुख्यालय तक पहुंचने के लिए अब 2 से 10 किलोमीटर की जगह करीब 50 किलोमीटर की लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है. वहीं, औराई प्रखंड के लोगों को भी भू-निबंध कार्यालय (रजिस्ट्री ऑफिस) पहुंचने के लिए 15 किलोमीटर की जगह करीब 70 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है.
300 एकड़ में लगी हरी सब्जी की फसल बर्बाद, मुआवजे की मांग
अचानक आई इस बाढ़ ने क्षेत्र के किसानों की कमर तोड़ दी है. बकुची, बसघट्टा, पतारी, अंदामा, गंगेया, नवादा और भवानीपुर गांवों के लगभग 300 एकड़ में लगी हरी सब्जियों की खेती पूरी तरह पानी में डूबकर बर्बाद हो गई है. बकुची निवासी धर्मेंद्र कमती, पूर्व मुखिया रामसकल भगत और हंसराज भगत सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ से लाखों रुपये की सब्जी की फसल नष्ट हो चुकी है. पीड़ित किसानों ने सरकार से बर्बाद हुई फसलों के लिए अविलंब उचित मुआवजे की मांग की है.
प्रशासन अलर्ट: सीओ बोलीं- बाढ़ से निपटने की तैयारी पूरी
बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. कटरा की अंचलाधिकारी (सीओ) सुशीला कुमारी ने बताया कि प्रखंड में बाढ़ से निपटने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. प्रशासन किसी भी आपात स्थिति या परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला प्रशासन को भी वस्तुस्थिति की विस्तृत सूचना दे दी गई है.
