क्राइम कंट्रोल व लॉ एंड ऑर्डर को मजबूत करने की बनी रणनीति, स्पीडी ट्रायल के कांडों में कार्रवाई होगी तेज
Action will be expedited in speedy trial cases.
: एसएसपी ने पुलिस कार्यालय में मासिक अपराध समीक्षा बैठक की : पेंडिंग कांडों के निष्पादन में तेजी लाने को लेकर दिया निर्देश : विधानसभा चुनाव में बेहतर कार्य करने के लिए पुलिसकर्मियों का बढ़ाया मनोबल संवाददाता, मुजफ्फरपुर मोतीझील स्थित पुलिस कार्यालय में एसएसपी सुशील कुमार ने सोमवार को जिले के थानेदारों के साथ मासिक अपराध समीक्षा बैठक की. बैठक की शुरुआत में एसएसपी ने विधानसभा में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए सभी थानेदार व वरीय पदाधिकारियों के कार्यों की सराहना की. उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने में पुलिस बल की भूमिका सराहनीय रही है. चुनाव के दौरान पुलिस की सक्रियता और सतर्कता के कारण किसी भी अप्रिय घटना को टालने में सफलता मिली. उन्होंने कहा कि इसी तत्परता को अब सामान्य पुलिसिंग में भी बनाए रखने की आवश्यकता है. इसके बाद थानेवार अक्टूबर माह में हुई आपराधिक घटनाओं में पुलिस की ओर से की गयी कार्रवाई की समीक्षा की गयी. एसएसपी सुशील कुमार ने जोर देकर कहा कि आपराधिक मामलों को जल्द से जल्द तार्किक निष्कर्ष पर पहुंचाना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है. उन्होंने विशेष रूप से स्पीडी ट्रायल के लिए चिन्हित किए गए मामलों की समीक्षा की. इन मामलों में चार्जशीट दाखिल करने, गवाहों के बयान रिकॉर्ड कराने और कोर्ट में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई पूरी करने का निर्देश दिया गया. एसएसपी ने कहा कि स्पीडी ट्रायल के मामले में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी, क्योंकि इन मामलों में त्वरित न्याय से अपराधियों के बीच भय का संदेश जाता है और अपराध दर कम होती है. इसके अलावा पेंडिंग कांडों के निष्पादन में तेजी लाने को कहा है. बैठक के दौरान, सभी थाना प्रभारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों के अपराध आंकड़े और पेंडिंग मामलों की स्थिति पर रिपोर्ट प्रस्तुत की. एसएसपी ने एक-एक कर सभी थानों की प्रगति की समीक्षा की और जहां भी आवश्यक हो, वहां सुधार के लिए विशिष्ट निर्देश दिए. उन्होंने लंबित गिरफ्तारी वारंटों के तामील को भी प्राथमिकता देने और देसी व विदेशी शराब की बरामदगी को लेकर विशेष अभियान चलाने को कहा है. एसएसपी ने थाना प्रभारियों को यह भी निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्राधिकार में पेट्रोलिंग बढ़ाएं और महिला संबंधी अपराधों पर त्वरित कार्रवाई को लेकर विशेष ध्यान दें. उन्होंने कहा कि जनता के बीच पुलिस की विजिबिलिटी और संवाद को बढ़ाया जाए ताकि लोगों का विश्वास पुलिस प्रशासन पर कायम रहे. यह बैठक लगभग तीन घंटे तक चली, जिसमें पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. बैठक के दौरान सिटी एसपी कोटा किरण कुमार, ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर, एएसपी सरैया गरिमा, एएसपी टाउन सुरेश कुमार, नगर डीएसपी टू विनिता सिन्हा, डीएसपी पश्चिमी वन सुचित्रा कुमारी, टू अनिमेष चंद्र ज्ञानी, साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार समेत सभी डीएसपी, सर्किल इंस्पेक्टर, पर्यवेक्षी पदाधिकारी और थानेदार उपस्थित थे.
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