Muzaffarpur News: शहरी विकास योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन और सरकारी धन के प्रभावी वित्तीय प्रबंधन के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग ने बड़ा निर्णय लिया है. विभाग के अधीन संचालित सभी 43 कार्य प्रमंडलों में नियमित प्रमंडलीय लेखापाल तैनात किए जाएंगे. इस संबंध में विभाग ने प्रधान महालेखाकार (एजी), बिहार को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया है.
मुजफ्फरपुर समेत 19 नगर निगमों को मिलेगी प्राथमिकता
नगर विकास एवं आवास विभाग के संयुक्त निदेशक शशिभूषण प्रसाद द्वारा भेजे गए पत्र में 43 कार्य प्रमंडलों की सूची उपलब्ध कराई गई है. वार्षिक स्थानांतरण के तहत मुजफ्फरपुर सहित प्रमुख कार्य प्रमंडलों में प्राथमिकता के आधार पर प्रमंडलीय लेखापालों की प्रतिनियुक्ति का अनुरोध किया गया है.
विभाग के अनुसार, पहले चरण में पटना और मुजफ्फरपुर समेत राज्य के सभी 19 नगर निगमों से जुड़े कार्य प्रमंडलों में लेखापालों की तैनाती की जाएगी. इसके बाद पटना नगर निगम के अंचल कार्यालयों और जलापूर्ति योजनाओं से संबंधित कार्य प्रमंडलों में प्रतिनियुक्ति होगी. तीसरे चरण में उपलब्ध मानव संसाधन के आधार पर अन्य जिला मुख्यालयों के कार्य प्रमंडलों में तैनाती की जाएगी.
वित्तीय अनुश्रवण और भुगतान प्रक्रिया होगी मजबूत
विभाग ने कहा है कि नगर निकायों को राज्य और केंद्र सरकार से विकास योजनाओं के लिए बड़ी मात्रा में अनुदान प्राप्त होता है. ऐसे में पीडब्ल्यूडी कोड और बिहार वित्त नियमावली के अनुरूप राशि का सही उपयोग, भुगतान, लेखा संधारण और वित्तीय अनुश्रवण सुनिश्चित करने में प्रमंडलीय लेखापाल अहम भूमिका निभाएंगे.
नगर आयुक्त के अधीन करेंगे कार्य
बिहार नगरपालिका लेखा हस्तपुस्तिका के प्रावधानों के अनुसार मुजफ्फरपुर सहित सभी नगर निकायों में तैनात प्रमंडलीय लेखापाल नगर आयुक्त और नगर कार्यपालक पदाधिकारियों के अधीन कार्य करेंगे. वे वित्तीय लेखा-जोखा, भुगतान प्रक्रिया, सरकारी निधियों के उपयोग तथा व्यय की निगरानी की जिम्मेदारी संभालेंगे.
