Aaj Ka Darshan: बाबा गरीबनाथ का फूलों से अलौकिक महाशृंगार, मंगला आरती के बाद जलाभिषेक के लिए उमड़े भक्त

Aaj Ka Darshan: मुजफ्फरपुर के बाबा गरीबनाथ मंदिर में शनिवार (30 मई) को फूलों से अलौकिक महाशृंगार किया गया. मंगला आरती के बाद जलाभिषेक के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी. जानें दोपहर और रात्रि पूजा का पूरा समय शेड्यूल.

Aaj Ka Darshan: मुजफ्फरपुर के ऐतिहासिक और प्रसिद्ध बाबा गरीबनाथ मंदिर में शनिवार, 30 मई को सुबह से ही आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है. सुबह कपाट खुलने के साथ ही बाबा के दर्शन और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं का ताता लगा रहा. पूरे मंदिर परिसर में ‘बाबा गरीबनाथ की जय’ के जयकारे गूंज रहे हैं. भक्तों ने गर्भ गृह के बाहर से ही बाबा के अलौकिक शृंगार और भव्य मंगला आरती के दिव्य दर्शन किए.


1. बाबा गरीबनाथ मंदिर: शनिवार की मुख्य समय सारणी (Temple Rituals Schedule)

शनिवार को बाबा की विशेष पूजा, शृंगार और कपाट बंद होने से लेकर खुलने तक का पूरा समय निर्धारण इस प्रकार है:

निर्धारित समयधार्मिक अनुष्ठान / प्रक्रियामुख्य विवरण
सुबह 05:00 बजेगर्भ गृह का खुलनाकपाट खुलने के बाद षोड्शोपचार पूजा और मंगला आरती हुई.
सुबह 05:30 बजे सेआम भक्तों के लिए जलाभिषेकआरती संपन्न होने के बाद भक्तों के लिए गर्भ गृह का द्वार खोला गया.
दोपहर 02:30 बजेगर्भ गृह का बंद होनाबाबा के भोग, विशेष दोपहर पूजा और शृंगार के लिए कपाट बंद किए जाएंगे.
शाम 04:00 बजेकपाट का दोबारा खुलनाबाबा के शयन (विश्राम) के बाद भक्तों के दर्शन के लिए द्वार फिर खुलेगा.
रात्रि 09:30 बजेरात्रि पूजा और महाशृंगारफूलों से विशेष शृंगार और प्रधान आरती के बाद कपाट बंद होंगे.

2. गेंदा, गुलाब और बेला के फूलों से सजा बाबा का दरबार

शनिवार तड़के सुबह पांच बजे मंदिर का गर्भ गृह खुलने के बाद सबसे पहले सेवइत परिवार के पं. बच्चा पाठक ने बाबा की विधिवत षोड्शोपचार पूजा संपन्न की. इसके बाद बाबा को गेंदा, गुलाब, बेला और बेलपत्र से बेहद आकर्षक रूप में सजाया गया. शृंगार पूरा होने के बाद थाली में दीप प्रज्वलित कर बाबा की भव्य मंगला आरती की गई, जिसके बाद आम श्रद्धालुओं के लिए जलाभिषेक की शुरुआत हुई.


3. मंदिर परिसर में विशेष अनुष्ठान और पुरोहितों का सानिध्य

जलाभिषेक के साथ-साथ शनिवार को कई परिवारों ने बाबा की फूल, मिठाई और बेलपत्र से पारंपरिक पूजा-अर्चना की. इसके अतिरिक्त, गर्भ गृह के बाहर मंदिर परिसर में पुरोहितों की देखरेख में कई श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से भगवान सत्यनारायण की कथा और पूजा का आयोजन भी कराया.

दोपहर ढाई बजे कपाट बंद होने के बाद मंदिर के प्रधान पुजारी पं. विनय पाठक बाबा की विशेष पूजा और दोपहर का शृंगार करेंगे. इसके बाद शाम चार बजे तक कपाट बंद रहेंगे. वहीं, रात 09:30 बजे सेवइत परिवार के पं. बैजू पाठक और पं. आशुतोष पाठक द्वारा बाबा की रात्रि पूजा कर फूलों से भव्य शृंगार किया जाएगा, जिसके बाद प्रधान आरती के साथ शनिवार के दैनिक अनुष्ठान संपन्न होंगे.

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Published by: Aaruni Thakur

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