Aaj Ka Darshan: उत्तर बिहार के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल मुजफ्फरपुर के बाबा गरीबनाथ मंदिर में रविवार, 17 मई को तड़के से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है. भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में महिला और पुरुष भक्त मंदिर पहुंच रहे हैं. पूरा मंदिर परिसर घंटों की सुरीली ध्वनि और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से लगातार गुंजायमान है.
सुबह का महास्नान और मंगला आरती
रविवार की सुबह बाबा के दरबार में विशेष धार्मिक अनुष्ठान के साथ दिन की शुरुआत हुई:
- पवित्र स्नान: सुबह-सुबह सेवाइत परिवार के पं. बच्चा पाठक ने बाबा गरीबनाथ का दूध, दही, शहद, घी और गंगाजल से महास्नान कराया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की.
- मंगला आरती: महास्नान और पूजन संपन्न होने के बाद बाबा की भव्य मंगला आरती की गई. आरती के तुरंत बाद आम भक्तों के लिए दर्शन और पूजन का सिलसिला शुरू हो गया.
- सुरक्षित दर्शन व्यवस्था: मंदिर में बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन और प्रबंधन द्वारा महिला व पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है, जिसके माध्यम से लोग कतारबद्ध होकर गर्भगृह में प्रवेश कर रहे हैं. पुरोहितों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भक्त बाबा को फूल, बेलपत्र, चंदन और मिष्ठान अर्पित कर जलाभिषेक कर रहे हैं.
दोपहर की विशेष पूजा और पट बंद होने का समय
- शृंगार और आरती: दोपहर 02:30 बजे मंदिर के प्रधान पुजारी पं. विनय पाठक द्वारा बाबा की विशेष षोड्शोपचार पूजा की जाएगी. इस दौरान बाबा का विभिन्न आकर्षक फूलों से भव्य शृंगार किया जाएगा और फिर महाआरती होगी.
- दोपहर का विश्राम: दोपहर की आरती संपन्न होने के बाद बाबा को भोग लगाया जाएगा और विश्राम के लिए गर्भगृह के पट बंद कर दिए जाएंगे.
शाम का शेड्यूल और रात्रि की प्रधान आरती
- शाम को दोबारा दर्शन: दोपहर के विश्राम के बाद, शाम 04:00 बजे से लेकर रात 09:00 बजे तक गर्भगृह के पट भक्तों के दर्शन और पूजन के लिए पूरी तरह खुले रहेंगे.
- रात्रि महाशृंगार: रात 09:30 बजे प्रधान पुजारी पं. विनय पाठक द्वारा पुनः बाबा की विशेष पूजा की जाएगी. इस दौरान बेला, गुलाब, गेंदा, बेलपत्र और अक्षत (चावल) से बाबा का दिव्य शृंगार किया जाएगा.
- प्रधान आरती: महाशृंगार के बाद रात्रि की मुख्य प्रधान आरती संपन्न होगी, जिसके बाद गर्भगृह के पट रात भर के लिए बंद कर दिए जाएंगे.
