Aaj Ka Darshan: ‘जय गरीबनाथ’ के जयकारों से गूंजा मंदिर, रविवार सुबह 5 बजे षोड्शोपचार विधि से हुई बाबा की महापूजा

Aaj Ka Darshan: मुजफ्फरपुर के बाबा गरीबनाथ मंदिर में रविवार 31 मई को सुबह 5 बजे षोड्शोपचार विधि से पूजा और मंगला आरती की गई. दोपहर 2:30 बजे और रात 9:30 बजे होने वाली विशेष आरती और पट खुलने का पूरा समय यहां देखें.

Aaj Ka Darshan: मुजफ्फरपुर के ऐतिहासिक और प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बाबा गरीबनाथ मंदिर में रविवार, 31 मई को आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा. अहले सुबह से ही पूरा मंदिर परिसर ‘जय गरीबनाथ’ के गगनभेदी जयकारों, पारंपरिक मंत्रोच्चार और शंखों की ध्वनि से गुंजायमान रहा. छुट्टी का दिन होने के कारण सुदूर ग्रामीण इलाकों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचे, जिससे मंदिर परिसर में सुबह से ही भारी भीड़ देखी गई.


मंदिर अनुष्ठान और समय सारणी: त्वरित जानकारी सारणी (Quick Info Table)

रविवार को बाबा गरीबनाथ मंदिर में आयोजित विशेष पूजा-अर्चना और कपाट बंद होने व खुलने का पूरा शेड्यूल इस प्रकार है:

विशेष अनुष्ठान व समयमुख्य विवरण और पुरोहित (Details & Priests)
सुबह की विशेष पूजासुबह 05:00 बजे, षोड्शोपचार विधि से संपन्न
प्रातः शृंगार एवं महास्नानदूध, दही, घी, शक्कर, गंगाजल, फूलों और बेलपत्र से
मंगला आरती का समयअहले सुबह, थाल में अग्नि प्रज्वलित कर की गई
दोपहर की पूजा व पट बंदीदोपहर 02:30 बजे (आरती के बाद गर्भ गृह बंद होगा)
शाम को पट खुलने का समयशाम 04:00 बजे (भक्तों के दर्शन के लिए)
रात्रि की प्रधान आरतीरात 09:30 बजे (इसके बाद कपाट पूर्णतः बंद होंगे)

षोड्शोपचार विधि से महास्नान और बाबा का अलौकिक शृंगार

रविवार की सुबह पांच बजे बाबा गरीबनाथ की विशेष पूजा की शुरुआत की गयी. सेवइत परिवार के विद्वान पुरोहित पं. बच्चा पाठक ने वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार बाबा की षोड्शोपचार विधि से भव्य पूजा संपन्न करायी.

  • पंचामृत महास्नान: सबसे पहले बाबा के ज्योतिर्लिंग को दूध, दही, घी, शक्कर और पवित्र गंगाजल से स्नान कराया गया.
  • मनमोहक शृंगार: महास्नान के उपरांत बाबा का गेंदा, गुलाब, बेला के सुगंधित फूलों और बेलपत्र से अत्यंत मनमोहक शृंगार किया गया.
  • मंगला आरती: शृंगार पूरा होने के बाद तांबे के थाल में पवित्र अग्नि जलाकर बाबा की भव्य मंगला आरती उतारी गयी. इस दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने आरती और शृंगार के इस अलौकिक व विहंगम दृश्य का दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया.

सुदूर गांवों से पहुंचे श्रद्धालु, मंदिर में कराई सत्यनारायण भगवान की पूजा

जलाभिषेक और मुख्य दर्शन के अलावा मंदिर परिसर में अन्य धार्मिक अनुष्ठानों की भी धूम रही. मुजफ्फरपुर और आसपास के सुदूर गांवों से कई परिवार बाल्टी में शुद्ध दूध, केला का पत्ता और विभिन्न पूजन सामग्री लेकर बाबा के दरबार में पहुंचे थे. इन परिवारों ने मंदिर के पुरोहितों के सानिध्य में बैठकर पूरी श्रद्धा के साथ सत्यनारायण भगवान की कथा सुनी और विशेष पूजा-अर्चना संपन्न कराई.


दोपहर और रात्रि सेवा को लेकर मंदिर का आधिकारिक शेड्यूल

बाबा गरीबनाथ मंदिर के कपाट (पट) बंद होने और खुलने के नियमों की जानकारी देते हुए पुजारियों ने बताया कि दिनभर का शेड्यूल इस प्रकार रहेगा:

  • दोपहर की सेवा: दोपहर ठीक ढाई (02:30) बजे मंदिर के प्रधान पुजारी पं. विनय पाठक द्वारा बाबा की विशेष पूजा और आरती की जाएगी. इस आरती के तुरंत बाद नियम के अनुसार गर्भ गृह का पट दोपहर के विश्राम के लिए बंद कर दिया जाएगा.
  • शाम की सेवा: शाम को ठीक चार (04:00) बजे गर्भ गृह का पट दोबारा आम भक्तों के दर्शन और पूजन के लिए खोल दिया जाएगा.
  • रात्रि की सेवा: रात साढ़े नौ (09:30) बजे प्रधान पुजारी पं. विनय पाठक और पं. बैजू पाठक संयुक्त रूप से बाबा की अंतिम निशा पूजा करेंगे. इसके बाद मंदिर की मुख्य ‘प्रधान आरती’ की जाएगी और फिर गर्भ गृह के कपाट अगली सुबह तक के लिए बंद कर दिए जाएंगे.

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Published by: Aaruni Thakur

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