Aaj Ka Darshan: हर-हर महादेव के उद्घोष से गूंजा मुजफ्फरपुर, पं. बैजू पाठक ने किया बाबा का षोड्शोपचार पूजन

Aaj Ka Darshan: मुजफ्फरपुर के बाबा गरीबनाथ मंदिर में सोमवार 1 जून 2026 को भक्तों की भारी भीड़ के बीच बाबा का भव्य शृंगार और महाआरती की गई. दोपहर के शयन और रात्रि की प्रधान आरती का पूरा समय यहाँ देखें.

Aaj Ka Darshan: उत्तर बिहार के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बाबा गरीबनाथ मंदिर में सोमवार, 1 जून 2026 को ज्येष्ठ मास के सोमवार के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. सुबह से ही पूरा मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बाबा गरीबनाथ’ के जयकारों से गूंजता रहा. इस विशेष अवसर पर बाबा का दूध, दही और शहद से अभिषेक कर रंग-बिरंगे फूलों से अलौकिक शृंगार किया गया.

दूर-दराज से आने वाले भक्तों की सुविधा और दर्शन-पूजन के लिए मंदिर प्रशासन द्वारा कपाट और आरती का विस्तृत समय निर्धारित किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो.


1. बाबा गरीबनाथ मंदिर: आरती एवं कपाट समय सारणी (Temple Timings Quick Info Table)

सोमवार को बाबा की विशेष पूजा, आरती और गर्भगृह के कपाट खुलने-बंद होने का पूरा समय इस प्रकार है:

अनुष्ठान / गतिविधिनिर्धारित समयपूजा विधि व मुख्य पुरोहित
मंगला आरती व जलाभिषेकसुबह (तड़के)पं. बैजू पाठक (सेवइत परिवार) द्वारा षोड्शोपचार पूजा
दोपहर की पूजा एवं आरतीदोपहर 02:30 बजेप्रधान पुजारी पं. विनय पाठक (इसके बाद कपाट शयन के लिए बंद)
शाम को कपाट पुनः खुलनाशाम 04:00 बजेभक्तों के सामान्य दर्शन व पूजन के लिए प्रवेश शुरू
भक्तों के लिए दर्शन की अवधिरात्रि 09:00 बजे तकबैरिकेडिंग के जरिए गर्भगृह में सुलभ प्रवेश
रात्रि विशेष शृंगार व प्रधान आरतीरात्रि 09:30 बजेप्रधान पुजारी पं. विनय पाठक (इसके बाद कपाट पूर्णतः बंद)

2. सुबह के विशेष अनुष्ठान और भव्य शृंगार का विवरण

सोमवार सुबह तड़के ही सेवइत परिवार के पं. बैजू पाठक ने बाबा गरीबनाथ का दूध, दही, गंगाजल और शहद से महास्नान कराया. इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच षोड्शोपचार विधि से बाबा की विशेष पूजा-अर्चना की गई.

  • फूलों और बेलपत्र से शृंगार: महास्नान के बाद बाबा का गेंदा की माला, ताजे गुलाब के फूल और बेलपत्र से अत्यंत भव्य और आकर्षक शृंगार किया गया.
  • मंगला आरती: शृंगार के पश्चात थाल में कपूर और अग्नि की लौ प्रज्वलित कर बाबा की भव्य मंगला आरती की गई. इस दौरान पूरा मंदिर परिसर शंख, घंटों और घड़ियालों की गूंज से भक्तिमय हो उठा.
  • भीड़ प्रबंधन: सोमवार को होने वाली अत्यधिक भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने बैरिकेडिंग की व्यवस्था की थी. श्रद्धालुओं ने पहले मुख्य द्वार से आरती के दर्शन किए और फिर कतारबद्ध होकर गर्भगृह में बाबा पर जलाभिषेक किया. कई परिवारों ने इस दौरान बाबा का विशेष रुद्राभिषेक भी संपन्न कराया.

3. दोपहर, शाम और रात्रि की पूजा का शेड्यूल

  • दोपहर का शयन कपाट: दोपहर 02:30 बजे मंदिर के प्रधान पुजारी पं. विनय पाठक द्वारा बाबा की विशेष मध्याह्न पूजा और आरती संपन्न की जाएगी. इसके बाद बाबा के शयन (विश्राम) के लिए गर्भगृह के कपाट बंद कर दिए जाएंगे.
  • शाम का समय: बाबा के विश्राम के बाद शाम 04:00 बजे मंदिर के कपाट दोबारा भक्तों के लिए खोल दिए जाएंगे, जहां श्रद्धालु रात 09:00 बजे तक निरंतर दर्शन और पूजा कर सकेंगे.
  • रात्रि की प्रधान आरती: रात्रि 09:30 बजे बाबा की विधिवत पूजा के बाद गर्भगृह को रंग-बिरंगे सुगंधित फूलों से सजाया जाएगा. इसके बाद प्रधान पुजारी पं. विनय पाठक बाबा की अंतिम ‘प्रधान आरती’ करेंगे, जिसके बाद मंदिर के कपाट रात के लिए बंद कर दिए जाएंगे.

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लेखक के बारे में

Published by: Aaruni Thakur

प्रभात खबर में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत आरुणि ठाकुर, पत्रकारिता के क्षेत्र में गहरी रुचि रखते हैं। देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी करने के बाद, वर्तमान में वे समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर कर रहे हैं। विस्तार न्यूज और इंडिया न्यूज जैसे संस्थानों में अनुभव प्राप्त आरुणि को हाइपरलोकल खबरों, राजनीति और डॉक्यूमेंट्री निर्माण में विशेष रुचि है।

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