Aaj ka Darshan: मुजफ्फरपुर के प्रसिद्ध बाबा गरीबनाथ मंदिर में मंगलवार (26 मई) को गंगा दशहरा पर्व के अवसर पर शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. पावन अवसर होने के कारण सुबह 5:00 बजे से ही श्रद्धालु जलाभिषेक और विशेष पूजन के लिए मंदिर पहुंचने लगे. मंदिर प्रशासन और आचार्यों द्वारा इस खास दिन के लिए पूजा, शृंगार और आरती का पूरा शेड्यूल निर्धारित किया गया है:
1. सुबह की महापूजा और मंगला आरती
- विशेष षोड्शोपचार पूजा: सुबह सबसे पहले मंदिर के सेवइत परिवार के पं. बच्चा पाठक ने बाबा की विधि-विधान से षोड्शोपचार पूजा संपन्न की.
- अलौकिक शृंगार: पूजा के बाद बाबा गरीबनाथ का गुलाब, गेंदा और बेलपत्र से मनमोहक शृंगार किया गया.
- मंगला आरती: शृंगार के बाद थाल में दीप प्रज्वलित कर बाबा की भव्य मंगला आरती की गयी, जिसके दर्शन के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और श्रद्धालु मौजूद रहे.
- मुंडन संस्कार: गंगा दशहरा का विशेष दिन होने के कारण मंदिर परिसर में जलाभिषेक के साथ-साथ बच्चों के मुंडन संस्कार भी आचार्यों द्वारा कराए गए.
2. दोपहर और शाम के दर्शन का समय
- दोपहर की आरती व शयन: दोपहर 2:30 बजे मंदिर के प्रधान पुजारी पं. विनय पाठक बाबा की विशेष पूजा और आरती करेंगे. इसके बाद बाबा के शयन के लिए गर्भगृह के कपाट बंद कर दिए जाएंगे.
- शाम के पट: शाम 4:00 बजे बाबा का गर्भगृह दोबारा खोला जाएगा, जिसके बाद भक्त देर रात तक बाबा के दर्शन और पूजन का लाभ उठा सकेंगे.
3. रात्रि का शृंगार और प्रधान आरती
- फूलों से शृंगार: रात्रि 9:00 बजे दर्शन की समय-सीमा समाप्त होने के बाद पं. बैजू पाठक और पं. आशुतोष पाठक बाबा की विशेष पूजा करेंगे और पूरे दरबार को फूलों से सजाएंगे.
- प्रधान आरती: फूलों के भव्य शृंगार के बाद बाबा की रात्रि की ‘प्रधान आरती’ की जाएगी और इसके बाद गर्भगृह के कपाट रात भर के लिए बंद कर दिए जाएंगे.
