धनंजय पांडेय
मुजफ्फरपुर : केंद्र सरकार देशभर के विश्वविद्यालय व कॉलेजों को एडमिशन की झंझट से छुटकारा दिलाने की कोशिश में है. इसको लेकर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय प्रवेश प्रक्रिया में बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है. कहा जा रहा है कि सभी विवि और कॉलेजों में एक साथ प्रवेश परीक्षा होगी. इसकी जिम्मेदारी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को देने पर भी विचार चल रहा है.
इसके पीछे सरकार का मंशा है कि उच्च शिक्षण संस्थान अपना पूरा फोकस एकेडमिक व रिसर्च की गुणवत्ता के सुधार पर रखें. मानव संसाधन विकास मंत्रालय नयी शिक्षा नीति के तहत यह प्रस्ताव ला रही है. कुछ विषयों में एडमिशन के लिए साल में एक बार प्रवेश परीक्षा होगी, तो कुछ के लिए एक से अधिक बार प्रवेश परीक्षा कराने का प्रावधान रखा गया है.
2030 के बाद अनिवार्य होगी इंटीग्रेटेड बीएड डिग्री : बीआरए बिहार विवि सहित देशभर में चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स शुरू हो गया है. बीए-बीएड और बीएससी-बीएड कोर्स में इंटरमीडिएट के बाद सीधे एडमिशन होता है. स्नातक व बीएड करने में पांच साल का समय लगता है़ जबकि, इंटीग्रेटेड कोर्स में एक साल की बचत होती है.
