मुजफ्फरपुर/भागलपुर : गंडक बराज से लगभग 91 हजार क्यूसेक पानी शुक्रवार शाम तक छोड़ा गया है, जिससे पश्चिमी चंपारण में फिर से बाढ़ का पानी फैल गया है. वहीं, कोसी बराज से एक लाख 66 हजार 590 क्यूसेक पानी छोड़ा गया. इससे पूर्व बिहार के कटिहार, सुपौल, अररिया समेत अन्य जिलों में बाढ़ की हालत गंभीर हो गया.
पश्चिमी चंपारण के लौरिया तीसरे दिन भी रामनगर-नरकटियागंज का संपर्क टूटा रहा. वहीं, लौरिया-नरकटियागंज रोड पर बना डायवर्सन चार फुट बह गया, जिससे आठ पंचायत मुख्यालय से कट गये.
कोसी व भूतही बलान नदियों के जल स्तर में उतार-चढ़ाव हो रहा है. अररिया में फारबिसगंज- कुर्साकांटा सड़क पर गाढ़ा गांव के समीप लगभग दो सौ मीटर सड़क बाढ़ के पानी में ध्वस्त हो गया है. वहीं, कुर्साकांटा प्रखंड में सोनामनी गोदाम थाने के आगे से पुरानी टोला सिकटिया जाने वाली पक्की सड़क पर कुम्हार टोला वार्ड संख्या आठ में बाढ़ का पानी बहने से यातायात बाधित है.
किशनगंज के धोबीभिट्ठा एसएसबी कैंप से लेकर एनएच 327 इ को जोड़ने वाली प्रधानमंत्री सड़क धोबीभिट्ठा गंगाई टोला के पास देखते ही देखते सड़क का बड़ा सा हिस्सा कटकर बाढ़ के पानी के संग बह गया. इससे कई पंचायतों का संपर्क टूट गया है़ कटिहार में महानंदा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है़ दूसरी तरफ गंगा एवं कोसी नदी के जल स्तर में वृद्धि अब भी जारी है.
मंडल कारा के कैदी वार्ड में 1. 50 फुट भरा पानी
शिवहर. मंडल कारा के अधीक्षक सुजीत कुमार झा ने बताया गुरुवार को शाम से ही दुबारा बाढ़ का पानी आने लगा है. लेकिन पिछले बार से पानी कम है. पिछले बार तो कैदी वार्ड में चार फुट पानी बह रहा था. इसके कारण कैदियों को दूसरे मंजिल पर शिफ्ट किया गया था. फिलहाल मंडल कारा के अंदर दूसरी बार बाढ़ के पानी आने के बाद डेढ़ फुट पानी परिसर में फैला है.
