bhagalpur news. पांच मीटर चौड़ा होगा बेली ब्रिज, 20 दिनों के भीतर सिर्फ हल्के वाहनों का शुरू होगा परिचालन

विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से में बेली ब्रिज का निर्माण होगा. यह पांच मीटर चौड़ा होगा. राहत की बात है कि इस ब्रिज पर 20 दिनों के भीतर परिचालन शुरू हो जायेगा.

विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से में बेली ब्रिज का निर्माण होगा. यह पांच मीटर चौड़ा होगा. राहत की बात है कि इस ब्रिज पर 20 दिनों के भीतर परिचालन शुरू हो जायेगा. यह बातें जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी ने संवाददाताओं को सोमवार को कही. उन्होंने बताया कि बीआरओ (बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन) की टीम के कुछ सदस्य रविवार को ही भागलपुर आ चुके हैं. टीम के बाकी सभी सदस्य मंगलवार को आ जायेंगे और साथ में मशीनरी भी. बीआरओ की टीम में गुवाहाटी, सेंट्रल व वेस्टर्न जोन के सदस्य शामिल हैं. टीम के पहुंचने के साथ ही काम शुरू हो जायेगा. काम बहुत ही तेज गति से होगा. 20 दिनों के भीतर ब्रिज पर मूवमेंट शुरू करा दिया जायेगा. इस पर हल्के वाहन (बाइक, कार, टोटो, टेंपो श्रेणी के) चलेंगे. पैदल भी लोग पार करेंगे. इस पर भारी वाहन (बस व ट्रक श्रेणी के) नहीं चलेंगे. यह ब्रिज पुल के गैप वाले हिस्से को पाटने का काम करेगा. बेली ब्रिज बनने के बाद जिन समस्याओं का होगा निदान बेली ब्रिज बनने के बाद लोगों को बहुत राहत मिल जायेगी. खासकर जिनके पास खुद की बाइक व कार है, उनकी समस्या का निदान हो जायेगा. जो लोग प्रतिदिन नवगछिया इलाके से भागलपुर और भागलपुर से नवगछिया टोटो-टेंपो से आते-जाते हैं, उन्हें राहत मिलेगी. बस से यात्रा करनेवालों को टोटो या टेंपो से पार करना होगा, तभी बस की सेवा मिल सकेगी. छोटे-छोटे कारोबार करनेवालों (सब्जी, केला व दूध विक्रेता) की दिक्कत भी दूर हो जायेगी. जो समस्या फिलहाल बनी रहेगी विक्रमशिला सेतु भागलपुर को कोसी व सीमांचल के जिलों के अलावा पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों व नेपाल को भी जोड़ने का काम करता है. लेकिन तीन मई की रात इसका स्लैब टूट कर गिर जाने के कारण सड़क मार्ग का यह संपर्क भंग हो गया है. इस पुल से बालू, छर्री, पत्थर की ढुलाई करनेवाले ट्रकों को आवागमन करने में बहुत सहूलियत होती थी. फिलहाल वैकल्पिक व दूर के रास्तों से इन दिनों भारी वाहनों का परिचालन हो रहा है. इस कारण ढुलाई चार्ज बढ़ गया है और इसका असर सामग्री की कीमत पर पड़ा है. इसका निदान बेली ब्रिज बनने के बाद भी नहीं हो पायेगा. वहीं भागलपुर से कमोबेश हर 45 मिनट पर पूर्णिया के लिए बसें चलती थीं. इसके अलावा कटिहार, खगड़िया, बेगूसराय, अररिया आदि जिलों के लिए भी प्राइवेट व सरकारी बसें चलती थीं. इसका रूट भी अभी लंबा हो गया है और किराया अधिक हो गया है. बेली ब्रिज बनने के बाद लोगों को नवगछिया में एंट्री करना आसान हो जायेगा और फिर बस सेवा मिल सकेगी.

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By NISHI RANJAN THAKUR

NISHI RANJAN THAKUR is a contributor at Prabhat Khabar.

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