उत्तर बिहार में भारी बारिश की आशंका, औराई में बांध बहा, अब मुरौल में भी पानी घुसा

मुजफ्फरपुर : नेपाल में हो रही बारिश के बाद मौसम विभाग ने उत्तर बिहार में भी 23 से 27 जुलाई तक भारी बारिश की आशंका जतायी है. इसके बाद मुजफ्फरपुर, पश्चिम चंपारण, मधुबनी और सीतामढ़ी के जिला प्रशासन ने अनुमंडल और अंचल स्तर तक के अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है.... उधर, मुजफ्फरपुर […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 24, 2019 7:21 AM

मुजफ्फरपुर : नेपाल में हो रही बारिश के बाद मौसम विभाग ने उत्तर बिहार में भी 23 से 27 जुलाई तक भारी बारिश की आशंका जतायी है. इसके बाद मुजफ्फरपुर, पश्चिम चंपारण, मधुबनी और सीतामढ़ी के जिला प्रशासन ने अनुमंडल और अंचल स्तर तक के अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है.

उधर, मुजफ्फरपुर के आठ प्रखंड पहले से बाढ़ प्रभािवत थे. मंगलवार को मुरौल प्रखंड के कई पंचायतों में बाढ़ का पानी घुस गया. औराई के िवशनपुर जगदीश गांव में लखनदेई नदी पर क्षतिग्रस्त बांध मरम्मत के दौरान तेज बहाव में बह गया.
इससे औराई बाजार पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. बांध की मरम्मत िपछले पांच िदनों से हो रही थी. मुशहरी के रजवाड़ा में गंडक नदी पर बने स्लुइस गेट से भी देर रात िरसाव शुरू हो गया है. इंजीिनयरों की टीम इसे बचाने में जुटी है. िजले में 205 गांव की करीब 3.42 लाख आबादी बाढ़ से प्रभािवत है.
नरकटियागंज में रेल ट्रैक पर पानी जमा होने से सोमवार की रात्रि 12 बजे से अहले सुबह चार बजे तक सिग्नल बाधित रहा. हालांकि इस दौरान कोई भी ट्रेन प्रभावित नहीं हुआ. स्टेशन अधीक्षक लालबाबु राउत ने बताया कि बारिश के पानी के कारण रेल ट्रैक पर पानी लगा लेकिन किसी प्रकार का प्रभाव ट्रेनों के परिचालन पर नहीं पड़ने दिया गया.
पश्चिम चंपारण के डीएम डॉ निलेश रामचंद्र देवरे ने कहा कि गंडक नदी में नेपाल के द्वारा रेड अलर्ट घोषित किया गया है. ऐहतियातन दियारावर्ती, सीमावर्ती एवं गंडक नदी के आसपास रहने वाले निवासियों को सतर्कतापूर्वक आवागमन करने एवं सुरक्षित स्थलों पर वास करने की सलाह दी गयी है.
मधुबनी में एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. मधुबनी के डीएम शीर्षत कपिल अशोक ने अपने आदेश में कहा है कि मौसम विभाग से प्राप्त सूचना के अनुसार 23 जुलाई से 27 जुलाई तक जिला एवं नेपाल के तराई क्षेत्र में भारी वर्षा की आशंका है. इससे नदियों के जलस्तर में वृद्धि हो सकती है. इससे पुन: बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है.