चार माह में भी नहीं सुधरा रिजल्ट पीजी में दाखिला हुआ मुश्किल

विवि की लापरवाही से बढ़ी सैकड़ों छात्रों की परेशानी मुजफ्फरपुर : बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में स्नातक (2015-18) के सैकड़ों छात्र रिजल्ट पेंडिंग होने के कारण महीनों से परेशान हैं. पिछले साल दिसंबर में परीक्षा दी थी और मार्च में रिजल्ट निकला. सैकड़ों छात्रों का रिजल्ट पेंडिंग हुआ. अधिकतर तो ठीक हो गया, लेकिन पांच सौ […]

विवि की लापरवाही से बढ़ी सैकड़ों छात्रों की परेशानी

मुजफ्फरपुर : बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में स्नातक (2015-18) के सैकड़ों छात्र रिजल्ट पेंडिंग होने के कारण महीनों से परेशान हैं. पिछले साल दिसंबर में परीक्षा दी थी और मार्च में रिजल्ट निकला. सैकड़ों छात्रों का रिजल्ट पेंडिंग हुआ. अधिकतर तो ठीक हो गया, लेकिन पांच सौ से अधिक छात्र-छात्राओं का रिजल्ट ठीक नहीं हुआ.

अधिकारी यह कह कर उन्हें महीनों से दौड़ा रहे हैं कि मूल्यांकन के बाद अभी भागलपुर से कॉपी नहीं आयी है, जिससे उनका रिजल्ट क्लीयर नहीं हो रहा है. छात्रों का कहना है कि मार्च से जून तक दर्जनों विभागों के फॉर्म निकले, जिसमें वे आवेदन नहीं कर सके. सोचा था कि पीजी ही कर लेंगे, लेकिन विश्वविद्यालय की लापरवाही ने उसके लायक भी नहीं छोड़ा. अधिकतर विभागों में सीट ही नहीं बची है. ऐसे में उनका एक साल बर्बाद हो जायेगा. उनका कहना है कि मूल्यांकन के बाद कॉपी तत्काल मंगा लेना चाहिए.

भागलपुर भेजी गयी थी 3.27 लाख कॉपी : बीआरए बिहार विवि ने स्नातक पार्ट थर्ड के तीनों संकाय की 3.27 लाख कॉपियां फरवरी में चार ट्रकों पर लादकर टीएमबीयू भेजी गयी थीं. दरअसल, जनवरी में मूल्यांकन की तैयारी शुरू हुई, तो संबद्ध कॉलेज के शिक्षकों ने आंदोलन शुरू कर दिया. इस कारण यहां मूल्यांकन नहीं हो सका.

पिछले दिनों छात्रों ने दबाव बनाया, तो अधिकारियों का कहना था कि भुगतान की प्रक्रिया चल रही है, जिसके बाद कॉपी मंगा ली जायेगी. हालांकि इस बीच विवि की ओर से 50 लाख का भुगतान कर दिया गया है. कुलसचिव कर्नल अजय कुमार राय ने बताया कि कॉपी जांच का भुगतान कर दिया गया है. जल्द ही कॉपियां मंगाकर छात्रों का रिजल्ट क्लीयर कर दिया जायेगा.

मूल्यांकन निदेशक ने कहा, कॉपी बिहार विवि को ले जानी है : तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में स्नातक पार्ट थर्ड की कॉपियां मूल्यांकन के लिए भेजी गयी थी. मूल्यांकन निदेशक डॉ डीएन राय ने बताया कि कॉपियों की जांच पूरी करने के बाद मार्क्स फाइल बिहार विवि को मार्च में ही भेज दी गयी थी.

परीक्षकों को भुगतान किया जा चुका है. मार्क्स फाइल के आधार पर रिजल्ट जारी होने की सूचना मिली थी. जहां तक टीएमबीयू में कॉपियों के होने की बात है, तो कॉपियां यहां रखी हुई हैं. बिहार विवि इसे ले जाने की व्यवस्था ही नहीं कर रहा है.कॉपियां बिहार विवि को ही ले जानी है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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