मुजफ्फरपुर : बूढ़ी गंडक का पानी हुआ काला, मरने लगीं मछलियां

मुजफ्फरपुर : शहर की बूढ़ी गंडक नदी का पानी इन दिनों विषाक्त होकर काला हो गया है. इससे नदी की मछलियां तो मरने ही लगी हैं, नदी किनारे बसे गांवों की मवेशी भी इस दूषित जल का सेवन करने से बीमार होने लगी है. फिर भी विभागीय अधिकारी उदासीन हैं. बूढ़ी गंडक नदी में कचरा […]

मुजफ्फरपुर : शहर की बूढ़ी गंडक नदी का पानी इन दिनों विषाक्त होकर काला हो गया है. इससे नदी की मछलियां तो मरने ही लगी हैं, नदी किनारे बसे गांवों की मवेशी भी इस दूषित जल का सेवन करने से बीमार होने लगी है. फिर भी विभागीय अधिकारी उदासीन हैं. बूढ़ी गंडक नदी में कचरा गिराने के कारण पानी का रंग काला हो गया है. पानी जहरीला होने के कारण मछलियां मर रही हैं.

नदी किनारे रहने वाले गांव के योगेंद्र सहनी, महेंद्र सहनी, शहवाजपुर पंचायत मुखिया पति मो इनायत, कविता देवी, आलोक सहनी आदि का कहना है कि बूढ़ी गंडक नदी का पानी काला होने से अब पालतू पशुओं को नदी में नहलाते भी नहीं है. चिंता इस बात कि है की नदी का पानी इसी तरह जहरीला होता गया, तो आने वाले समय में महामारी न फैल जाये.
शहर के नाले का पानी बूढ़ी गंडक नदी में जाने से जहरीला हो गया है. इसके अलावा नदी के तलछट की गहराई कम हो गयी है. पानी में मौजूद गंदगी नीचे नहीं बैठ पाती. नदी का कटाव तिरछा हो गया है. इस कारण बहाव कम है. सरकार को इसके लिए प्रोजेक्ट लाना चाहिए, जिससे नदी की गहराई बढ़े. तभी पानी को जहरीला होने से बचाया जा सकता है.
– डॉ रामजनम ठाकुर, पर्यावरणविद्

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