नये साल के पहले दिन 124 लोगों को कुत्ते ने काटा

नये साल के पहले दिन 124 लोगों को कुत्ते ने काटा

मुजफ्फरपुर.

नया साल का पहला दिन कुत्तों ने लोगों के उत्साह को फीका कर दिया. जिले में बुधवार को 124 लोगों को कुत्ते ने काट खाया. कई लोग तो नये साल का जश्न मनाने के लिए घर से निकले थे, लेकिन कुत्ते के काटने के बाद नये साल को सेलीब्रेट नहीं कर सके. इनमें अधिकतर युवा शामिल थे. गुरुवार को सदर अस्पताल में एंटी रैबीज का टीका लेने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही. सुबह आठ बजे से ही लोग यहां पहुंचने लगे थे.

लगने लगी थी लंबी कतार

सुबह 12 बजे तक यहां एंटी रेबीज टीका लेने वाले लोगों की पंक्तियां लंबी हो गयी. मुशहरी से आये 22 वर्षीय युवक रोहित कुमार ने कहा कि बुधवार की सुबह साइकिल से पूजा के लिए फूल लेने जा रहा था, जैसे ही सड़क पर आया कुत्ते ने दौड़कर पैर में काट लिया. इसके बाद से नये साल का सारा उत्साह खत्म हो गया. यह दिन हमेशा याद रहेगा. पशु चिकित्सक डॉ कुमार कांता प्रसाद ने कहा कि ठंड में कुत्तों की सक्रियता कम हो जाती है, इसलिए वह ज्यादा आक्रामक हो जाते हैं. ऐसे मौसम में हमें कुत्तों से सावधान रहने की जरूरत रहती है.

12 माह में आठ हजार लोगों को बनाया शिकार

जनवरी से दिसबंर 2024 तक लगभग आठ हजार से ज्यादा लोग सदर अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने पहुंचे हैं. शहरी क्षेत्र में घूमने वाले आवारा कुत्तों को पकड़ने का जिम्मा नगर निगम का है, लेकिन निगम प्रशासन मामला बढ़ने पर एक दो दिन अभियान चला कर बंद कर देता है. शहर में प्रमुख सड़क व चौराहों समेत अधिकांश गलियों में आवारा कुत्ते नजर आ रहे हैं. संख्या अधिक होने से लोगों को कुत्तों के हमला करने का डर रहता है. कई इलाके तो ऐसे हैं जहां रात में गलियों से निकलना दुश्वार हो जाता है.

रात में आक्रामक हो रहे कुत्ते, राहगीरों की बढ़ी परेशानी

इन दिनों रात में भी कुत्ते आक्रामक हो रहे हैं, इससे राहगीरों की परेशानी बढ़ गयी है. बाइक सवार के पीछे कुत्ते दौड़ पडते हैं और काटने की कोशिश करते हैं. शहर के बनारस बैंक चौक, पक्की सराय चौक, अमर सिनेमा रोड, आमगोला रोड, पीएनटी चौक और अखाड़ाघाट रोड स्थित ऐसे सभी स्थल जहां मांस-मछली की दुकानें हैं, वहां के कुत्ते अधिक आक्रमक हैं. इन रास्तों से गुजरने में राहगीरों को सचेत रहना पड़ता है. इन इलाकों में कुत्तों की संख्या भी सबसे अधिक है. नगर निगम की ओर से कुत्तों को नहीं पकड़े जाने के कारण शहर में कुत्तों की संख्या अधिक हो गयी है. इनसे बचाव का कोई उपाय नहीं है. किसी को कुत्ता काट लिया तो उनकी परेशानी बढ़ जाती है. नियमित अंतराल में उसे तीन से सात एंटी रैबीज की सूई लेनी पड़ती है.

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