मुजफ्फरपुर : बालिका गृह कांड में आरोपित मधु व अश्विनी की रिमांड बढ़ाने के सीबीआई के आवेदन को स्वीकार करते हुए कोर्ट ने चार दिन की अवधि बढ़ा दी. इससे पहले पांच दिनों तक रिमांड पर रखकर सीबीआई की टीम दोनों से पूछताछ कर चुकी है. इस दौरान कोर्ट ने सीबीआई अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिला पुलिसकर्मी की मौजूदगी में ही मधु से पूछताछ की जाए.
सीबीआई ने पांच दिनों की रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद सोमवार को ब्रजेश ठाकुर की राजदार मधु उर्फ शाईस्ता प्रवीण व झोलाछाप डाॅक्टर अश्विनी कुमार को विशेष पाक्सो कोर्ट मे पेश करते हुए पूछताछ के लिये सात दिन की और रिमांड के लिये आवेदन दिया था. पेशी के दौरान न्यायालय ने कहा कि आपकी मां के तरफ से आवेदन आया है कि सीबीआई आपको पूछताछ के दौरान प्रताड़ित करती है.
आपको क्या कहना है. इस पर मधु ने कहा कि मुझे मानसिक रूप से सीबीआई प्रताड़ित कर रही है. एक ही सवाल बार-बार पूछा जाता है. यह भी शिकायत की कि सदर अस्पताल में जांच के दौरान डॉक्टर ने जो दवा लिखी थी, वह भी उपलब्ध नहीं कराई गई है. मधु के वकील प्रियरंजन उर्फ अन्नू ने न्यायालय से कहा कि यह महिला है और सीबीआई के पुरूष पदाधिकारी अकेले में इनसे पूछताछ करते है.
साथ ही रिमांड के दौरान अधिवक्ता से मिलने देने को भी कहा. न्यायालय ने सुनवाई करते हुए सीबीआई को आदेश दिया कि महिला पुलिसकर्मी के मौजूदगी में ही सीबीआई के अधिकारी पूछताछ करें. साथ ही सदर अस्पताल मे जांच के दौरान डाक्टर ने जो दवा लिखी है, वह मधु को उपलब्ध कराएं. वहीं रिमांड अवधि के दौरान मधु के वकील से एक दिन आधा घंटा मिलाने का भी अादेश दिया.
छानबीन करने ब्रजेश के होटल पहुंची सीबीआई
सूत्रों के अनुसार पांच दिनों की रिमांड के दौरान दोनों से सीबीआई को कई अहम जानकारियां मिली हैं. इसके बाद ही सोमवार को टीम फिर से बालिका गृह पहुंची. अधिकारियों ने बालिका गृह में चल रहे मिनी ऑपरेशन थियेटर में जरूरी सबूतों की तलाश की. इसके बाद ब्रजेश ठाकुर के होटल राज पैलेस में भी सीबीआई टीम पहुंची. वहां भी अधिकारियों ने कई लोगों से पूछताछ की और कुछ देर तक छानबीन की.
