स्पीडी ट्रायल के तहत चलेगा मुकदमा
मुजफ्फरपुर : हार्डवेयर व्यवसायी जयप्रकाश हत्याकांड में गिरफ्तार शातिर अपराधी अजय पांडेय की संपत्ति जब्त की जायेगी. एसएसपी मनोज कुमार ने इसकी कवायद शुरू कर दी है. मिठनपुरा थाने में पहले से ही अजय का डोजियर खुला है. डोजियर में उस पर पटना, मुजफ्फरपुर में कई केस होने का जिक्र है.उन्होंने मिठनपुरा थानेदार को अजय की संपत्ति का पता लगाने का निर्देश दिया है. पुलिस को जांच में पता चला है कि अजय ने अपराध से काफी संपत्ति अर्जित की है. उसने कई संपत्ति अपने रिश्तेदारों के नाम से भी खरीद रखी है. एसएसपी ने मिठनपुरा पुलिस को मुशहरी सीओ व रजिस्ट्री कार्यालय के साथ उसके बैंक एकाउंट खंगालने का भी निर्देश दिया है. इधर, एसएसपी ने अजय और उसके साथियों को जल्द ही चार्जशीट कर स्पीडी ट्रायल चलाने की अनुशंसा करने की बात कही है.
घर से बरामद हो चुके हैं आठ लाख से अधिक रुपये
अजय पर बुद्धा कॉलाेनी थाने में भी मामला दर्ज है. 25 जुलाई 2010 को तत्कालीन एसएसपी सुनील कुमार (वर्तमान आइजी )के निर्देश पर उसके रामबाग चौड़ी आवास पर छापेमारी हुई थी. उसके घर से आठ लाख बीस हजार रुपये के अलावा कई पासबुक बरामद किये गये थे. पुलिस ने उसकी कार व बाइक भी जब्त की थी. उसके छोटे भाई व रेड लाइट एरिया से मुन्ना नाम के युवक को भी पकड़ा था.
माशूका का इस्तेमाल कर 66 लाख रुपये वसूला था
आठ साल पूर्व भी अजय ने पटना के बाकरगंज की रहने वाली अपनी माशूका के माध्यम से आयरन व्यवसायी को फंसा कर 66 लाख रुपये वसूल किये थे. वह हेमंत नाम से आयरन व्यवसायी को फोन कर काम का ऑर्डर देने के लिए पूर्वी बोरिंग कैनाल रोड स्थित फ्लैट नंबर 203 में बुलाया था. वही से किडनैप कर मिठनपुरा के जुब्बा सहनी पार्क के समीप पैसे वसूले थे. वह पुलिस इनकाउंटर में जख्मी भी हो चुका है.
