मुजफ्फरपुर : दीपावली पर शहर से लेकर गांव तक दुकानें तरह-तरह की मिठाइयों से सज गयी हैं. लेकिन, खरीदारी के पहले सावधानी बरतें, वरना मिलावटी मिठाई खाकर आप बीमार पड़ सकते हैं. इसके लिए आप खुद ही मिठाई की जांच कर सकते हैं.
दीपावली में अधिकतर लोग लड्डू व खोआ की मिठाई अधिक पसंद करते हैं. दुकानदारों की मानें, तो दीपावली में जिले में करीब दो सौ क्विंटल खोए की खपत होती है. इसमें करीब एक-चौथाई खोआ राजस्थान व यूपी से आता है. शहर व देहाती क्षेत्रों में छोटी-बड़ी ज्यादातर मिठाई की दुकानों में 25 प्रतिशत इसी खोए का इस्तेमाल होता है.
ऐसे बनता है नकली खोआ
नकली खोआ तैयार करने में मैदा, डालडा व सिंथेटिक गोंद का उपयोग होता है. इसी प्रकार डालडा, घी व एक्सपायर्ड मिल्क पाउडर बर्फी तैयार करने में इस्तेमाल होता है. नकली दूध में एक्सपायर्ड मिल्क पाउडर, रसायन सैफोलाइट का उपयोग होता है. राजस्थान, उत्तर प्रदेश से मिल्क केक व डोडा बर्फी की आपूर्ति होती है. दीपावली पर मिठाई में मिलावट का धंधा जोर पकड़ लेता है. क्योंकि मांग के अनुरूप खोए की आपूर्ति जिले भर में नहीं हो सकती.
ऐसे करें मिलावट की जांच
फूड विशेषज्ञ के अनुसार, थोड़ी-सी मिठाई या खोआ पर टिंचर आयोडीन की 5-7 बूंदें डालें. ऊपर से 5-7 दाने चीनी के बुरक दें. फिर इसे गर्म करें. अगर खोआ या मिठाई का रंग नीला हो जाये, तो समझें उसमें मिलावट है. इसके अलावा मिठाई के एक टुकड़े पर हाइड्रोक्लोरिक एसिड की 5-6 बूंदें डालें. मिलावटी होने पर खोआ या मिठाई का रंग लाल या हल्का गुलाबी हो जायेगा, तो समझें मिठाई नकली है.
मिलावटी मिठाई पर अंकुश लगाने के लिए छापेमारी की जा रही है. कारोबारियों के स्टोर की भी जांच की जा रही है. मिलावट करने वालों को बख्शा नहीं जायेगा.
सुदामा चौधरी, फूड इंस्पेक्टर
