मुजफ्फरपुर : रेलवे सुरक्षा फोर्स मुख्यालय ने महिला कर्मियों की सुरक्षा को लेकर निर्देश जारी किया है. इसमें आरपीएफ थाना, पुलिस चौकियों या दूसरी जगहों पर कार्यरत महिला कर्मियों को उनके पुरुष सहकर्मी या सीनियर अधिकारी के व्हाट्सअप मैसेज या फेसबुक फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजने व मोबाइल काॅल करने पर रोक लगा दी गयी है. बावजूद ऐसा अगर कोई करते हैं, तो समझिये उनकी नौकरी खतरे में है. शिकायत मिलने पर बिना कोई स्पष्टीकरण सीधे कार्रवाई ही होगी.
पत्र दो माह पहले की है, लेकिन महिला सिपाही के साथ अश्लील बातचीत करते रेल पुलिस के सार्जेंट मेजर का सोशल मीडिया पर वायरल हुए ऑडियो क्लिप से पुलिस महकमा में उक्त पत्र की चर्चा फिर से शुरू हो गयी है. उम्मीद जतायी जा रही है कि आरपीएफ की तरफ कहीं रेल पुलिस मुख्यालय भी ऐसा गाइडलाइन न जारी कर दें. क्योंकि, सार्जेंट मेजर का वायरल हुए ऑडियो क्लिप से पुलिस के सीनियर अधिकारियों की छवि काफी धूमिल हुई है.
रात में महिला पुलिस कर्मी से ड्यूटी नहीं
गाइडलाइन में रात में महिला पुलिस कर्मी की ड्यूटी नहीं लगाने का निर्देश है. जहां तक मुमकिन हो महिला कर्मियों के लिए रेस्ट रूम और ड्रेस चेंजिंग रूम भी मुहैया कराना है. सुपरविजन ऑफिसर अकेले किसी महिला कर्मी को केस के मुद्दे पर चर्चा या ब्रीफिंग के लिए अपने चैंबर में नहीं बुला सकते हैं. ऐसा करना भी अपराध माना जायेगा. इसके अलावा पत्र में कई ऐसे बिंदु है. जो महिला पुलिस कर्मियों के हित में उन्हें सुरक्षा प्रदान करने वाली है.
