मुजफ्फरपुर : पूर्व मेयर समीर कुमार हत्याकांड में शहर के सात प्रॉपर्टी डीलर पुलिस की जांच के घेरे में हैं. उनकी गतिविधियों की पुलिस गहराई से जांच कर रही है. जांच का फोकस इस पर भी है कि घटना होने के पहले से ही शहर से कौन-कौन गायब हैं. पुलिस सातों प्रॉपर्टी डीलर के मोबाइल के दो माह के कॉल डिटेल निकाल कर जांच कर रही है. यहीं नहीं, जांच इस बिंदु पर भी हो रही कि इन सातों प्रॉपर्टी डीलर से पूर्व मेयर समीर के कैसे रिश्ते थे. उनके बीच बातचीत होती थी या नहीं.
जांच के घेरे में सात प्रॉपर्टी डीलर खंगाला जा रहा कॉल डिटेल
मुजफ्फरपुर : पूर्व मेयर समीर कुमार हत्याकांड में शहर के सात प्रॉपर्टी डीलर पुलिस की जांच के घेरे में हैं. उनकी गतिविधियों की पुलिस गहराई से जांच कर रही है. जांच का फोकस इस पर भी है कि घटना होने के पहले से ही शहर से कौन-कौन गायब हैं. पुलिस सातों प्रॉपर्टी डीलर के मोबाइल […]

क्या कभी पूर्व में जमीन को लेकर कोई विवाद भी हुआ था. पूर्व मेयर के अपने ही सिंडिकेट में शामिल लोगों से उनके रिश्ते कैसे थे. हाल में उनके बीच कोई पेच तो नहीं फंसा था. ऐसे कई सवाल हैं, जिनकी जानकारी पुलिस की एक विशेष टीम जुटा रही है. जांच में पुलिस को पता चला है कि कुछ साल पूर्व माड़ीपुर की एक जमीन पर कब्जे को लेकर शहर के एक चर्चित प्रॉपर्टी डीलर से पूर्व मेयर का मतभेद हुआ था. उन लोगों के बीच बातचीत नहीं होती थी. वैसे घटना के तीन दिन बाद भी पुलिस के हाथ कोई अपराधी नहीं आया है.
जांच कर रही पुलिस टीम इस सवाल का भी जवाब ढूंढ़ रही है कि पूर्व मेयर की हत्या के लिए चंदवारा नवाब रोड के इलाके को ही क्यों चुना गया. होटल से नंद बिहार कॉलोनी तक कई ऐसे जगह थे, जहां आसानी से उन पर हमला किया जा सकता था. पुलिस को जानकारी मिली है कि इन सात प्रॉपर्टी डीलरों में एक का उस इलाके में अच्छा-खासा दबदबा भी है.
वह पूर्व मेयर के विरोधी खेमे का रहा है. इस पूरे प्रकरण में सुपारी देने और कॉन्टैक्ट किलरों का सहारा लेने की बात सामने आ रही है. यह स्पष्ट नहीं है कि कितने की सुपारी दी गयी. चर्चा तरह-तरह की है. साठ लाख सुपारी देने की चर्चा है. पुलिस अंदर ही अंदर इस चर्चा की सत्यता की जांच में भी जुट गयी है.