मुजफ्फरपुर : मुजफ्फरपुर बालिका गृह दुष्कर्म कांड को लेकर राज्य से लेकर दिल्ली तक जंग जारी है. राज्य में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोपों और प्रत्यारोपों का दौर जारी है. इसी क्रम में इस कांड के एक आरोपी और मुजफ्फरपुर डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर रवि कुमार रौशन की पत्नी ने अपने पति को निर्दोष बताया है. उनका आरोप है कि मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर के करीबी राजेश रोशन को बचाने के लिए उनके पति को फंसाने की साजिश रची गयी है.
रवि कुमार रौशन की पत्नी शिव कुमारी ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि एनजीओ के प्रमोटरों में से एक और मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर के सहयोगी राजेश रोशन को बचाने के उनके पति को फंसाया जा रहा है. शिव कुमारी ने कहा कि मेरे पति निर्दोष हैं और एनजीओ के प्रमोटर राजेश रोशन को बचाने के लिए उन्हें फंसाया जा रहा है. मेरे पति ने मुझे बताया कि बिहार सरकार में समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा के पति चंद्रशेखर वर्मा ने भी शेल्टर होम का दौरा किया था.
गौरतलब हो कि राज्य सरकार की सिफारिश और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद सीबीआई ने इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. इस मामले में सीबीआई ने ‘बालिका गृह’ शेल्टर होम के अधिकारियों और कर्मचारियों को आरोपी बनाया है. मुजफ्फरपुर बालिका गृह में रह रही 44 लड़कियों में 42 की मेडिकल जांच कराये जाने पर उनमें से 34 के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हो चुकी है. मुंबई की टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस की ‘कोशिश’ टीम की सोशल ऑडिट रिपोर्ट में यह मामला सामने आया था. करीब 100 पेज की सोशल ऑडिट रिपोर्ट को टीम ने 26 मई को बिहार सरकार, पटना और जिला प्रशासन को भेजा. इसके बाद बालिका गृह से 46 किशोरियों को 31 मई को मुक्त कराया गया. इनको पटना, मोकामा और मधुबनी के बालिका गृह में भेजा गया. बालिका गृह का संचालन कर रही एनजीओ के लोग बच्चियों के साथ रेप करते थे. इस कांड में नेताओं की भागीदारी की बात भी सामने आयी थी. मामले में ब्रजेश ठाकुर, बालिका गृह की अधीक्षिका इंदू कुमारी समेत 10 लोगों को जेल भेजा जा चुका है.एक अन्य फरार दिलीप कुमार वर्मा की गिरफ्तारी के लिए इश्तेहार दिये गये हैं और कुर्की की कार्रवाई की जा रही है.
