मुजफ्फरपुर : पुलिस पर हुए हमले के मामले की सुनवाई कर रहे एडीजे-11 ने काजीमहम्मदपुर थाना क्षेत्र की पंखाटोली निवासी अजमेरी खातून, बिनोद वीआइपी उर्स हैदर, अमिता खातून, सोबरतन खातून, चंदू साह, नमी साह, लालबाबू साह, असली खातून, लुकमान साह, नीमा खातून, रहमतुल्लाह एवं मो सलम उर्फ मोहम्मद कलाम को दोषी करार देते हुए सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए न्यायालय ने 31 जुलाई की तिथि निर्धारित की है.
न्यायालय से दोषी करार होने के बाद सभी आरोपितों को लेकर एक महिला सिपाही व एक पुरुष सिपाही न्यायालय से कस्टडी वारंट लेकर हालत के लिये चले. जैसे ही वे लोग बाहर निकले, आरोपितों के साथ आयी महिला परिजन ने रोते-बिलखते हंगामा खड़ा कर दिया. इसी दौरान एक महिला आरोपित बेहोशी का बहाना कर रोड पर ही गिर गयी.इससे वहां अफरा-तफरी मच गयी. पुलिस अभी कुछ समझ पाती, इसी बीच अजमेरी खातून भीड़ का फायदा उठा कर वहां से भाग निकली.
परिजनों ने पुलिस ने बताया कि वह तिलक मैदान मस्जिद के पास है. इसके बाद नगर पुलिस वहां पहुंची और अजमेरी को पकड़ वापस कोर्ट हालत लायी. इसके बाद कैदी वाहन जेल के लिए रवाना हुई.
यह है मामला
वर्ष 2005 में काजीमोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के पंखाटोली में छापेमारी के दौरान पुलिस पर हमला हुआ था. इस मामले में काजीमोहम्मदपुर थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार ने बिनोद वीआइपी उर्फ हैदर, अमिता खातून, सोबरतन खातून, चंदू साह, नमी साह, लालबाबू साह, असली खातून, लुकमान साह, नीमा खातून, अजमेरी खातून, रहमतुल्लाह एवं मो सलम उर्फ मो कलाम के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी थी. पुलिस ने सभी नामजद आरोपितों के विरुद्ध 30 दिसंबर 2007 को न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया था.
सुरेंद्र कुमार ने अपने बयान में कहा था कि 26 दिसंबर 2015 को रेल थाना के आग्रह पर सशस्त्र बल के साथ रेल थाना कांड संख्या-84/2005 के संदिग्ध आरोपी बिनोद वीआइपी के घर घर पंखा टोली गया. बिनोद घर पर ही था. उसके घर की तलाशी लेनी चाही, तो इसी बीच बिनोद की पत्नी व बच्चे हंगामा करने लगे और पुलिस पर हमला कर दिया. उसके घर के किरायेदार महिला व पुरुषों ने भी जानलेवा हमला किया. इसमें मेरे साथ-साथ कई पुलिस जवान घायल हो गये और सभी हमलावरों ने मिलकर बिनोद वीआइपी को भगा दिया.
