बिहार पुलिस ने रविवार को मुजफ्फरपुर में जमीन पर बने निर्माण को कथित तौर पर गिराए जाने के मामले में समस्तीपुर के बेलसंड से LJP (रामविलास) विधायक अमित कुमार उर्फ अमित सिंह रानू के घर की तलाशी ली. पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान विधायक की कथित संलिप्तता से जुड़े कुछ सबूत भी मिले हैं. पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में यह मामला जमीन पर कब्जे से जुड़ा प्रतीत हो रहा है. पुलिस को आशंका है कि इसके पीछे एक कथित ‘प्रोटेक्शन गैंग’ का हाथ हो सकता है. यह ऐसा गिरोह होता है, जो सुरक्षा के नाम पर लोगों से पैसे वसूलता है और मांग पूरी नहीं करने पर उन्हें परेशान या धमकाता है.
बुलडोजर से जमीन कब्जाने का आरोप, FIR में 50 से ज्यादा नाम
मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने कहा कि कोर्ट से वारंट मिलने के बाद विधायक अमित कुमार और उनके भाई सोनू सिंह उर्फ अभिनव के ठिकानों पर तलाशी ली गई. पुलिस के अनुसार, मामला जमीन पर कब्जा करने, आर्थिक धोखाधड़ी, दस्तावेजों में हेराफेरी, चोरी, जानबूझकर संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और हिंसा या जान से मारने की धमकी देकर जबरन वसूली की आपराधिक साजिश से जुड़ा है.
प्रहलाद कुमार की शिकायत पर 20 अगस्त को सुमित श्रीवास्तव समेत 50 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था. FIR में प्रहलाद कुमार ने आरोप लगाया कि एक समूह बुलडोजर, स्कॉर्पियो और महिंद्रा थार लेकर अहियापुर इलाके में पहुंचा और उनकी जमीन तथा आसपास की संपत्तियों पर बने निर्माण को गिरा दिया.
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने घटना का वीडियो बनाने की कोशिश की तो उनका मोबाइल फोन तोड़ दिया गया. इसके बाद उनके साथ मारपीट की गई और सोने की चेन भी छीन ली गई.
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‘गड्ढे में दफन करने की धमकी’
प्रहलाद कुमार ने आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद लोगों को धमकी दी गई कि अगर उन्होंने जमीन खाली नहीं की तो उन्हें बुलडोजर से खोदे गए गड्ढे में दफन कर दिया जाएगा. साथ ही, वहां रहने के लिए ‘बॉस’ को पैसे देने की बात कही गई. शिकायतकर्ता के मुताबिक, हमलावरों ने सोनू सिंह को ‘बॉस’ बताया था. पुलिस के अनुसार, सोनू सिंह बेलसंड विधायक अमित कुमार का भाई है.
एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि शिकायत के आधार पर दो आरोपियों-सुमित श्रीवास्तव और उसके साथी सनी सिंह को गिरफ्तार किया गया है. इसके बाद 12 अन्य लोगों ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान सोनू सिंह का नाम सामने आया और विधायक की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है.
विधायक की भूमिका के सबूत मिले, भाई फरार
एसएसपी ने कहा, “हमें इस मामले में विधायक की कथित संलिप्तता से जुड़े सबूत मिले हैं.” उन्होंने आगे कहा कि विधायक के घर की तलाशी के दौरान अन्य सामान के अलावा वर्ष 2017 का एक हस्ताक्षरित खाली स्टांप पेपर भी बरामद हुआ है. पुलिस अधिकारी के अनुसार, यह दस्तावेज कथित जालसाजी से जुड़े मामले में अहम सुराग हो सकता है. पुलिस के अनुसार, विधायक का भाई सोनू सिंह फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की जा रही है.
‘प्रोटेक्शन गैंग’ से जुड़े होने की भी जांच
एसएसपी ने संकेत दिया कि पुलिस इस मामले की जांच इस एंगल से भी कर रही है कि कहीं यह जमीन से जुड़े मामलों में सक्रिय किसी संगठित गिरोह का हिस्सा तो नहीं है. उन्होंने कहा कि यह मामला पहले सामने आए कथित ‘प्रोटेक्शन गैंग’ से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है. उन्होंने कहा कि पुलिस पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने की दिशा में काम कर रही है. अन्य संदिग्धों की पहचान के लिए पुलिस घटनास्थल और आसपास के इलाकों के वीडियो फुटेज की भी जांच कर रही है.
