Muzaffarpur जिला स्कूल में लगी तीन दिवसीय जिलास्तरीय उद्योग प्रदर्शनी में 40 स्टॉल लगाये गये हैं. प्रदर्शनी के दूसरे दिन रविवार को खरीदार नहीं दिखे. इस कारण उद्यमी अपने स्टॉल में किसी तरह बैठ कर और सोकर दिन काटे़ उद्योग मेले में जिले के उत्पाद के स्टॉल लगे हैं. अचार, लहठी, लीची जूस, रेडिमेड वस्त्र, सेवई, खादी व ग्रामोद्योगी वस्तु के स्टाॅल लगे हैं. मुख्यमंत्री उद्यमी योजना से 10 लाख की राशि लेकर रोजगार करने वाले उद्यमी ने अपना स्टॉल लगाया है. स्टॉल लगाये विजय कुमार ने कहा कि दस लाख से रोजगार किया. अभी आठ आदमी को रोजगार दे रहे हैं और हर माह 10 से 15 हजार अभी बचत हो रही है.
कई लोगों को दिया युवा ने रोजगार
आभा चौधरी ने कहा कि रेडीमेड शर्ट और मेडिकल जगत के लिए एप्रन बना रही है. एमबीए की पढ़ाई करने के बाद दिल्ली से जाॅब छोड़ कर घर आकर मोजा की फैक्ट्री लगाने वाले प्रभात कुमार ने बताया कि अभी 15 लोगों को रोजगार दे रहे हैं. खुद की आमदनी 50 हजार से एक लाख के बीच हो रही है. इस तरह से लीचिका के संचालक केपी ठाकुर ने बताया कि वह जूस व रसगुल्ला बनाते हैं. उनका उत्पाद सालो भर रहता है. इस तरह जीविका समूह सहित अन्य उद्यमी के उत्पाद की प्रदर्शनी लगी है. हालांकि प्रदर्शनी में स्टॉल लगाये उद्यमियों का कहना है कि इस बार मेले में लोगों की भीड़ नहीं दिख रही है. सुबह से शाम हो गया है, पर किसी ने एक भी उत्पाद की खरीद नहीं की है.
लोगों के करना होगा प्रोत्साहित
मेले में आए एक दो लोगों ने बताया कि मेले में सामान काफी अच्छे है. मगर बाजार से कीमत थोड़ी ज्यादा है. ऐसे में जो लोग खरीदारी का मन बनाकर पहुंच भी रहे हैं वो बिना खरीदे निकल जा रहे हैं. इसके बार में स्टॉल वालों को सोचना चाहिए. इसके साथ ही, मेले के प्रचार की भी व्यवस्था होनी चाहिए. शहर में लोगों को मेले के बारे में जानकारी ही नहीं है.
